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शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़: 30 जुलाई, 2022


संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन, 2022

 ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को प्रोत्साहन


संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन, 2022

चर्चा में क्यों

हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन, 2022 का आयोजन किया गया जहाँ संयुक्त राष्ट्र के सभी 198 सदस्य देशों ने महासागर संरक्षण पर लिस्बन घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है।

प्रमुख बिंदु 

  • इस सम्मलेन का आयोजन पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में किया गया, जिसकी मेज़बानी पुर्तगाल एवं केन्या द्वारा संयुक्त रूप से की गयी है।
  • इस सम्मेलन ने राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे क्षेत्रों की समुद्री जैव विविधता पर अंतर सरकारी सम्मेलन (Intergovernmental Conference on Marine Biodiversity of Areas Beyond National Jurisdiction) के पांचवें सत्र के लिये एक मंच तैयार किया है, जिसका आयोजन 15-26 अगस्त, 2022 को न्यूयॉर्क में किया जाएगा।

सम्मेलन में व्यक्त की गई प्रतिबद्धताएँ

  • इस सम्मलेन में सदस्य देशों ने समुद्री प्रदूषण को रोकने, कम करने और नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता  व्यक्त की गई है, जिसमें शामिल है – 
    • पोषक तत्त्व प्रदूषकों को हटाना
    • अपशिष्ट जल का प्रबंधन
    • ठोस अपशिष्ट निपटान
    • विषैले पदार्थों का निपटान
    • समुद्री क्षेत्र से निर्मित अपशिष्ट का शोधन
    • समुद्रतटीय क्षरण के लिए नीति निर्धारण
  • सभी सदस्य राष्ट्रों ने सतत समुद्री विकास के लिये नवीन तकनीकी सुधारों को विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रकट किया है।
  • सम्मलेन में सदस्य राष्ट्रों ने महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करने और महासागरीय क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने जैसे विषयों को भी अपने लक्ष्यों में शामिल किया है।  
  • इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य-14 को प्राप्त करने के लिये भी सर्वसम्मति से चर्चा की गयी। यह लक्ष्य ‘जल के नीचे जीवन’ से संबंधित है।

 ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को प्रोत्साहन

चर्चा में क्यों

हाल ही में, भारत सरकार ने ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को 50,000 हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 

प्रमुख बिंदु 

  • केंद्र सरकार ने यह फैसला ड्रैगन फ्रूट की अंतर्राष्ट्रीय माँग और लागत प्रभाविता को ध्यान में रखकर किया है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 15,491 टन ड्रैगन फ्रूट का आयात किया जा रहा है।
  • अभी देश में ड्रैगन फ्रूट की खेती 3000 हेक्टेयर में की जाती है, जिसे सरकार ने अगले पाँच वर्षों में 50,000 हेक्टेयर तक बढाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • जनवरी 2021 में गुजरात सरकार ने इसका नाम ‘कमलम’ कर दिया था। गुजरात एवं हरियाणा सरकारों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहन देने के लिये विशेष वित्तीय अनुदान की व्यवस्था भी की है।
  • मुख्यत: यह मैक्सिको और उत्तरी अमेरिका का स्थानीय उत्पाद है, हालाँकि वर्तमान में इसका उत्पादन वियतनाम और कई अन्य देशों में भी किया जा रहा है। इसके उत्पादन में भारत का मिज़ोरम राज्य शीर्ष पर है।

ड्रैगन फ्रूट का महत्व 

  • मानव स्वास्थ्य के लिये अत्यधिक उपयोगी होने के कारण इसे ‘सुपर फ्रूट’ भी कहते हैं।
  • मधुमेह रोगियों के लिये अत्यधिक लाभदायक।
  • इसके उत्पादन के लिये अधिक जल की आवश्यकता नहीं होती।
  • इस प्रकार, शीत क्षेत्रों को छोड़कर सम्पूर्ण भारत इसके उत्पादन के लिये उपयुक्त है।
  • इसके उत्पादन लक्ष्यों की प्राप्ति के बाद इसके मूल्य में तीन-चौथाई तक कमी संभव।

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