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CURRENT AFFAIRS

अधिकरणों में पारदर्शिता की आवश्यकता

05-Mar-2022

हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘अधिकरण सुधार अधिनियम, 2021’ (Tribunal Reforms Act, 2021) उसके निर्णय की अवमानना करता है। 

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान योजना

04-Mar-2022

हाल ही में, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) योजना को 31 मार्च,  2026 या अगली समीक्षा तक, जो भी पहले हो, जारी रखने की मंजूरी दी गई है। 

भारतीय न्यूट्रिनो वेधशाला

04-Mar-2022

हाल ही में, तमिलनाडु ने उच्चतम न्यायालय में यह स्पष्ट किया है कि थेनी ज़िले के बोडी वेस्ट हिल्स के पोट्टीपुरम गांव में प्रस्तावित भारतीय न्यूट्रिनो वेधशाला (INO) के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे पश्चिमी घाट के संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान हो सकता है।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता

04-Mar-2022

मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पारितंत्र को अधिक कुशल बनाने के लिये ‘नेशनल लॉजिस्टिक पोर्टल’ (NLP) को ‘एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म’ (Unified Logistics Interface Platform: ULIP) के साथ संयुक्त किया जाएगा।

सी.बी.आई. जाँच के लिये ‘सामान्य सहमति’

04-Mar-2022

हाल ही में, मेघालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को राज्य में जाँच करने (कार्य) के लिये प्राप्त ‘सामान्य सहमति’ को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस प्रकार, मेघालय सी.बी.आई. से सामान्य सहमति वापस लेने वाला नौवां राज्य बन गया है।

भारतीय आदिम जनजाति सेवा संगठन

03-Mar-2022

हाल ही में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान (National Tribal Research Institute : NTRI) ने भारतीय आदिम जनजाति सेवा संगठन (बी.ए.जे.एस.एस.) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

रोगाणुरोधी प्रतिरोध की बढ़ती चिंताएँ

03-Mar-2022

द लांसेट में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट, ‘बैक्टीरियल रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Bacterial Antimicrobial resistance) का वैश्विक भार’ पहली प्रतितथ्यात्मक विश्लेषण के विस्तृत अध्ययन पर आधारित है। इसमें ऐसे रोगजनकों और रोगजनक-दवा संयोजनों की भी पहचान की गई है, जो इस तरह के प्रतिरोध का कारण बनते हैं।

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व

03-Mar-2022

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व होना हमेशा से एक चिंता का विषय रहा है। इसे सामान्यतः करियर के प्रत्येक क्षेत्रों में देखा जा सकता है, वह चाहे वैज्ञानिक संस्थानों में नेतृत्व के पदों पर नियुक्ति हो या पदोन्नति हो, सदस्यों के रूप में चयन में हो अथवा पुरस्कार वितरण हो।

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