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CURRENT AFFAIRS

विकास वित्तीय संस्थान

04-Feb-2021

हाल ही में, सरकार द्वारा बजट 2021-22 के तहत 20000 करोड़ रूपये की लागत से एक विकास वित्तीय संस्थान (Development Financial Institute - DFIs) स्थापित करने की बात की गई है।

असामान्य समय के लिये एक सामान्य बजट

03-Feb-2021

वैश्विक महामारी और इसके चलते अर्थव्यवस्था में आई गिरावट ने इस वर्ष के बजट निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित किया, जहाँ एक ओर अर्थव्यवस्था की धीमी रफ़्तार समस्या का कारण थी वहीं दूसरी तरफ घटता राजस्व भी चिंता का विषय था।

बजट के वित्तीय पक्ष पर चर्चा

03-Feb-2021

कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय विश्व में जहाँ कहीं भी हैं, वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। बजट से कुछ परिवर्तन की सम्भावना दिखाई पड़ रही है। सरकार केवल महामारी से हुई हानि को ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र और गरीबों पर पड़े दुष्प्रभाव से उनको सँभालने का भी प्रयास कर रही है।

म्यांमार में तख्तापलट : कारण और प्रभाव

03-Feb-2021

हाल ही में, म्यांमार की सेना ने देश की नवनिर्वाचित संसद की निर्धारित बैठक से पूर्व ही तख्तापलट कर सत्ता हथिया ली है। लोकतांत्रिक कार्यकर्ता व स्टेट कॉउंसलर ‘आंग सान सू की’ और राष्ट्रपति विन मिंट सहित सत्ताधारी दल के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।

बाज़ार कानूनों का एकल कोड में सम्मिलन

02-Feb-2021

हाल ही में प्रस्तुत बजट में ‘एकल प्रतिभूति बाज़ार संहिता’ की घोषणा की गई है।

बजट 2021-22 : उपलब्धियाँ और विसंगतियाँ

02-Feb-2021

यदि सरल भाषा में कहा जाय तो बजट सरकार की अस्थायी आय और व्यय विवरण और इससे जुड़ी सरकार की नीतियों और विचार को संप्रेषित करने का एक माध्यम होता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर रेटिंग का प्रभाव

02-Feb-2021

‘क्रेडिट रेटिंग एजेंसी’ एक प्रकार की इकाई (समूह या सरकारी कंपनी) है, जो वित्तीय उत्तरदायित्त्व और जोखिमों का आकलन करती है। इसके आधार पर अर्थव्यवस्था की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

बजट और कुपोषण की समस्या

02-Feb-2021

भूख की व्यापकता और खाद्य असुरक्षा एक प्रकार की आपातकालीन स्थिति को दर्शाता है, जिस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केंद्रीय बजट में भी इसके लिये कोई महत्त्वपूर्ण उपाय नज़र नहीं आता है।

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