प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने नवोदय विद्यालय योजना के अंतर्गत देश के जिलों में 28 नवोदय विद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है।
ये नवोदय विद्यालय उन जिलों में स्थापित किए जायेंगे, जिन जिलों में वर्तमान में नवोदय विद्यालय नहीं हैं।
इन नवोदय विद्यालयों की स्थापना के लिए 2024-25 से 2028-29 तक पांच वर्षों की अवधि में कुल 2359.82 करोड़ रुपये की धनराशि की आवश्यकता है।
इसमें 1944.19 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय घटक और 415.63 करोड़ रुपये का परिचालन व्यय शामिल है।
प्रत्येक विद्यालय में 560 छात्रों की क्षमता होगी।
इस प्रकार 560 x 28 = 15680 छात्र लाभान्वित होंगे।
नवोदय विद्यालय
यह पूरी तरह से आवासीय, सह-शिक्षा विद्यालय हैं।
इनकी परिकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति-1986 के अंतर्गत की गई थी।
यह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना कक्षा VI से XII तक अच्छी गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा प्रदान करते हैं।
इन विद्यालयों में प्रवेश चयन परीक्षा के आधार पर दिया जाता है।
लगभग 49,640 छात्र हर साल कक्षा VI में नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेते हैं।
वर्तमान में देश भर में 661 स्वीकृत नवोदय विद्यालय हैं।
इनमें एससी/एसटी आबादी की बड़ी संख्या वाले 20 जिलों में दूसरा नवोदय विद्यालय और 3 विशेष नवोदय विद्यालय शामिल हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसरण में, लगभग सभी नवोदय विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में नामित किया गया है।
सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में नवोदय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन लगातार सभी शैक्षणिक प्रणालियों में सर्वश्रेष्ठ रहा है।
प्रश्न. नवोदय विद्यालय के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
यह पूरी तरह से आवासीय, सह-शिक्षा विद्यालय हैं।
इनकी परिकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति-1986 के तहत की गई थी।