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आईसीसी द्वारा पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट  

प्रारम्भिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय(आईसीसी)
मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र:2- महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश

सुर्खियों में क्यों? 

  • हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।  

महत्त्वपूर्ण बिन्दु 

  • ICC ने रूस यूक्रेन-युद्ध में हुए बच्चों के अधिकारों के हनन लिए रूस के राष्ट्रपति और साथ ही वहाँ के आयुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

पुतिन पर आरोप

आईसीसी ने कहा कि पुतिन युद्ध अपराध के लिए निम्नलिखित व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी का वहन करते हैं ;

  • जनसंख्या का अवैध निर्वासन 
  • यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों से आबादी का रूसी संघ में अवैध हस्तांतरण
  •  व्यापक नर-संहार 

वारंट के निहितार्थ

  • मानवाधिकार समूहों ने यूक्रेन में रूसी युद्ध अपराधों के लिए दण्ड का स्वागत किया।
  • पश्चिमी देशों में पुतिन का अलगाव अधिक होने के कारण विदेशों में उनकी आवाजाही सीमित हो सकती है।
  • यदि वह किसी ऐसे राज्य की यात्रा करते हैं, जो आईसीसी का एक पक्ष है, तो उस देश को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुसार उसे गिरफ्तार करना पड़ेगा ।

पुतिन पर मुकदमे की संभावना

  • ICC के पास राज्य के प्रमुखों को गिरफ्तार करने या उन पर परीक्षण( trial) के लिए की कोई शक्ति नहीं है।  
  • पुतिन के सत्ता में बने रहने के दौरान मुकदमे की संभावना कम दिखाई देती है क्योंकि अदालत प्रतिवादियों की अनुपस्थिति में सुनवाई नहीं कर सकती है और रूस ने कहा है कि वह अपने अधिकारियों को आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायलय (आई.सी.सी.)

  • अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायलय 1 जुलाई 2002 को ‘रोम संविधि’ (Rome Statute) के तहत अस्तित्व में आया। 
  • HQ- ‘हेग’ (नीदरलैंड) में 
  • यह पहला स्थाई और संधि आधारित अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय है, जो नरसंहार (Genocide), युद्ध अपराधों (War Crimes) और मानवता के विरुद्ध अपराधों के अभियोजन (Prosecution) हेतु सुनवाई का अंतिम विकल्प है।

आई.सी.सी. का अधिकार क्षेत्र

  • आई.सी.सी. केवल सदस्य देशों के मुकदमों या मामलों की ही सुनवाई कर सकता है तथा इसमें मामले की सुनवाई की कुछ शर्ते भी निर्धारित की गईं हैं।
    • जब किसी देश की राष्ट्रीय अदालत द्वारा उस मुद्दे या अपराध की सुनवाई या जाँच करने से इनकार कर दिया गया हो।
    • जब सयुंक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् द्वारा किसी मुद्दे को आई.सी.सी. के पास भेजा गया हो।
  • वर्तमान में आई.सी.सी. के कुल 124 सदस्य देश हैं। भारत इसका सदस्य देश नहीं है साथ ही, रूस, चीन, इजराइल, म्यामांर भी आई.सी.सी. के सदस्य देश नहीं हैं।
  • ज्ञात हो कि अमेरिका भी आई.सी.सी. का सदस्य देश नहीं है।
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