केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की तकनीकी इकाई दूरसंचार इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (IIT कानपुर) के साथ उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तथा वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन, अनुसंधान एवं तकनीकी योगदान पर सहयोग के लिए एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
- यह साझेदारी उभरती एवं भविष्य की संचार तकनीकों, जिसमें 6G, टेलीकॉम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नॉन टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (NTNs), इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), डिजिटल ट्विन, मेटावर्स तथा क्वांटम संचार शामिल हैं जिनके लिए भारत-विशिष्ट मानकों एवं परीक्षण ढांचों के विकास पर केंद्रित होगी।
- यह भारत की वैश्विक मानक-निर्धारण एवं रेडियो संचार निकायों, जैसे- आईटीयू-टी (ITU-T), आईटीयू-आर (ITU-R), 3जीपीपी (3GPP) तथा अन्य प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय मंचों में सक्रिय भागीदारी एवं नेतृत्व को मजबूत करने का भी लक्ष्य रखती है।
- 6G आर्किटेक्चर एवं सक्षमकर्ता तकनीकों की खोज, जिसमें 3 जीपीपी तथा आईटीयू जैसे वैश्विक मंचों में अनुसंधान, पूर्व-मानकीकरण एवं मानकीकरण गतिविधियों में योगदान शामिल है।
- टेलीकॉम नेटवर्क व आर्किटेक्चर: 4G, 5G, LTE-A, NB-IoT तथा भविष्य के नेटवर्क्स में आर्किटेक्चर, सिग्नलिंग, प्रोटोकॉल एवं परस्पर संचालन परीक्षण को कवर करते हुए संयुक्त अध्ययन और तकनीकी योगदान।
- एआई-सक्षम टेलीकॉम सिस्टम: नेटवर्क ऑटोमेशन, अनुकूलन एवं बुद्धिमत्ता प्रबंधन के लिए एआई/एमएल में संयुक्त अनुसंधान, जिसमें भविष्य के नेटवर्क्स के लिए एआई-नेटिव क्षमताओं की दिशा में रोडमैप शामिल है।
- रेडियो, एंटीना एवं MIMO तकनीकें: उन्नत एंटीना सिस्टम, मैसिव MIMO व संबंधित रेडियो एक्सेस तकनीकों में सहयोगी अनुसंधान।
- उपग्रह एवं गैर-स्थलीय नेटवर्क (NTNs): उपग्रह संचार सिस्टम, NTNs, HAPS तथा उपग्रह-स्थलीय एकीकरण में संयुक्त अध्ययन, जिसमें आपदा-प्रतिरोधी व आपातकालीन कनेक्टिविटी समाधान शामिल हैं।
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डिजिटल ट्विन्स एवं इमर्सिव सिस्टम: आई.ओ.टी. पारिस्थितिक तंत्र, डिजिटल ट्विन तकनीकों तथा इमर्सिव संचार प्लेटफॉर्म्स में संयुक्त अनुसंधान।
- क्वांटम संचार: सुरक्षित संचार के लिए QKD, PQC, QRNG तथा संबंधित घटकों सहित क्वांटम संचार तकनीकों में संयुक्त अध्ययन।