संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (MDoNER) मंत्री ने मिशन गोल्डन स्पाइस (Mission Golden Spice) का शुभारंभ किया।
मिशन गोल्डन स्पाइस के बारे में
- यह लाकाडोंग हल्दी (Lakadong Turmeric) की समेकित मूल्य श्रृंखला संवर्धन परियोजना (Integrated Lakadong Turmeric Value Chain Enhancement Project) है।
- इसका उद्देश्य मेघालय में लाकाडोंग हल्दी की खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उसकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का विकास करना है। यह एक अभिसरण-आधारित (Convergence-led) पहल है।
- मिशन अवधि: वर्ष 2025 से 2030 तक का पाँच वर्षीय कार्य-रोडमैप।
कार्यान्वयन के चरण:
- प्रथम चरण: मूल्य श्रृंखला का सुदृढ़ीकरण (Value Chain Strengthening)
- द्वितीय चरण: विस्तार एवं व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन (Expansion & Scale-up)
- इस मिशन का संचालन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) तथा उत्तर-पूर्वी परिषद (NEC) के नेतृत्व में किया रहा है।
मिशन का आधार:
- यह पहल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, तथा APEDA, स्पाइसेस बोर्ड, राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), नाबार्ड (NABARD), लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ (SFAC) और मेघालय सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अभिसरण पर आधारित है।
लाकाडोंग हल्दी (Lakadong Turmeric) के बारे में प्रमुख तथ्य
- इसका प्रमुख उत्पादन मेघालय के जयंतिया हिल्स स्थित लाकाडोंग क्षेत्र में किया जाता है।
- इसकी सबसे विशिष्ट विशेषता इसमें 7 से 12 प्रतिशत तक करक्यूमिन (Curcumin) की उच्च मात्रा का पाया जाना है।
- यह गहरे रंग की होती है तथा रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बिना जैविक पद्धति से उगाई जाती है।
- वर्ष 2024 में इसे भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication–GI) टैग प्रदान किया गया।
- औषधीय गुण: इसमें सूजन-रोधी (Anti-inflammatory), एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) तथा तंत्रिका-तंत्र संरक्षक (Neuroprotective) गुण विद्यमान हैं।