असम सरकार ने मानव-हाथी संघर्ष के समाधान हेतु 'गज मित्र' योजना शुरू की

चर्चा में क्यों?

हाल ही में असम सरकार ने मानव-हाथी संघर्ष के समाधान हेतु 'गज मित्र' योजना शुरूआत की। 

 'गज मित्र' योजना के बारे में 

  • असम मंत्रिमंडल द्वारा जुलाई 2025 में स्वीकृत।
  • मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना।
  • उद्देश्य
    • मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और टकराव की घटनाओं को रोकना।
    • ग्रामीण समुदायों को सुरक्षित और अहिंसक उपायों से हाथियों से निपटने के लिए सशक्त बनाना।
    • हाथियों के लिए प्राकृतिक भोजन और सुरक्षित क्षेत्र उपलब्ध कराना।
    • हाथियों की मृत्यु दर में कमी लाना तथा उनके प्रवास पथों की सुरक्षा करना।

मुख्य विशेषताएँ

  • उच्च जोखिम वाले क्षेत्र चिन्हित:
    • योजना की शुरुआत 80 संवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी जहाँ मानव और हाथी संपर्क की घटनाएँ अधिक होती हैं।
  • भोजन की उपलब्धता:
    • सरकार हाथियों के पसंदीदा भोजन जैसे बाँस और नेपियर घास की खेती करेगी, ताकि वे गाँवों की ओर आकर्षित न हों।
  • त्वरित प्रतिक्रिया दल:
    • प्रशिक्षित दल गाँवों में तैनात किए जाएंगे जो हाथियों के झुंड को अहिंसक तरीकों से दूर भगाने में ग्रामीणों की मदद करेंगे।
  • समुदाय सहभागिता:
    • ‘गज मित्र’ के रूप में स्थानीय स्वयंसेवकों की भर्ती की जाएगी, जो वन विभाग और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

योजना की पृष्ठभूमि और आवश्यकता

  • भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की रिपोर्ट (2000-2023) के अनुसार:
    • 1,400+ लोगों की मौत
    • 1,209 हाथियों की मृत्यु
    • इनमें से 626 हाथी असुरक्षित या अवैध विद्युत बाड़ों से मारे गए।
  • मुख्य कारण:
    • भोजन की कमी
    • प्रवास पथों का कट जाना
    • बढ़ता नगरीकरण व कृषि विस्तार
    • मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे "एक असहनीय स्थिति" बताया और इस योजना को एक त्वरित कार्यनीति के रूप में प्रस्तुत किया।

प्रभावित क्षेत्र

  • सबसे अधिक प्रभावित जिले:
    • नागांव
    • सोनितपुर पश्चिम
    • धनसिरी
    • कार्बी आंगलोंग पूर्व
    • गोलपारा (527 गाँव प्रभावित)
  • मृत्यु के प्रमुख कारण:
    • क्षेत्रीय संघर्ष: 81 हाथी
    • प्राकृतिक कारण: 158 हाथी
    • मानवीय गतिविधियाँ: जैसे बिजली के झटके, ट्रेन से टक्कर, अवैध शिकार

महत्त्व और संभावित परिणाम

  • यह योजना वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय न्याय के सिद्धांतों को बढ़ावा देती है।
  • स्थानीय समुदायों में सह-अस्तित्व की भावना को बल मिलेगा।
  • यह योजना अन्य राज्यों के लिए मॉडल नीति बन सकती है, जहाँ मानव-वन्यजीव संघर्ष व्यापक है।
  • पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

चुनौतियाँ

  • योजना का सही क्रियान्वयन और निगरानी
  • पर्याप्त वित्तीय एवं मानव संसाधन
  • स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक समर्थन की आवश्यकता
  • लंबी अवधि की दृष्टि से भूमि उपयोग योजना में बदलाव

प्रश्न. ‘गज मित्र योजना’ किस भारतीय राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई है?

(a) केरल

(b) असम

(c) झारखंड

(d) ओडिशा

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