संचार मित्र योजना

संदर्भ 

दूरसंचार विभाग ने युवाओं को डिजिटल एम्बेसेडर के रूप में सशक्त बनाने के लिए देश भर में संचार मित्र योजना शुरू की

संचार मित्र योजना के बारे में 

  • संचार मित्र योजना भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य युवा शक्ति को डिजिटल सशक्तिकरण और सामाजिक संपर्क के उत्प्रेरक के रूप में शामिल करना है। 
  • यह योजना विशेष रूप से तकनीकी संस्थानों के छात्रों को संचार मित्र के रूप में नामित करती है जो डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा एवं दूरसंचार से संबंधित जागरूकता को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देते हैं।

उद्देश्य

संचार मित्र योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

  • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना : नागरिकों को डिजिटल तकनीकों और सेवाओं के उपयोग के बारे में शिक्षित करना
  • साइबर सुरक्षा जागरूकता : साइबर धोखाधड़ी, फिशिंग एवं अन्य डिजिटल खतरों से बचाव के लिए जागरूकता फैलाना
  • दूरसंचार जागरूकता : 5G, 6G, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) रेडिएशन जैसे विषयों पर मिथकों को दूर करना
  • नागरिकों एवं टेलीकॉम प्रणाली के बीच की दूरी को कम करना : संचार मित्रों के माध्यम से संवाद को मजबूत करना
  • युवाओं को सशक्त बनाना : छात्रों को तकनीकी, अनुसंधान एवं नेतृत्व कौशल प्रदान करके भविष्य के लिए तैयार करना
  • राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करना : भारत को दूरसंचार अनुसंधान, विकास एवं विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने में योगदान देना

मुख्य विशेषताएँ 

  • छात्र स्वयंसेवकों की भूमिका:
    • संचार मित्र के रूप में नामित छात्र समुदायों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाते हैं।
    • ये अभियान नागरिक-केंद्रित दूरसंचार सेवाओं, साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम, जिम्मेदारीपूर्ण मोबाइल उपयोग और EMF रेडिएशन जैसे मुद्दों पर केंद्रित होते हैं।
  • प्रशिक्षण : संचार मित्रों को राष्ट्रीय संचार अकादमी–टेक्नोलॉजी (NCA-T) और DoT की मीडिया शाखा द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, 5G, 6G, AI, दूरसंचार नीतियाँ एवं EMF सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्र शामिल हैं।
  • पात्रता : यह योजना उन तकनीकी संस्थानों के छात्रों के लिए खुली है जिनके पास दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर विज्ञान, साइबर सुरक्षा या समान क्षेत्रों में सक्रिय कार्यक्रम हैं।
    • IIT, IIIT, NIT एवं अन्य तकनीकी कॉलेज इसमें शामिल हो सकते हैं।
  • विस्तार : योजना को पायलट चरण में सफलता मिलने के बाद देशव्यापी स्तर पर लागू किया गया है।
    • दूरसंचार विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय (LSA) ने संस्थानों से संपर्क शुरू कर दिया है।
  • चार D का दृष्टिकोण : यह लोकतंत्र (Democracy), जनसंख्या (Demography), डिजिटलीकरण (Digitization) एवं डिलीवरी (Delivery) पर आधारित है।

प्रमुख गतिविधियां

संचार मित्र निम्नलिखित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं:

  • डिजिटल सुरक्षा जागरूकता व शिक्षा
  • मोबाइल टावरों और EMF रेडिएशन से संबंधित भ्रांतियों को दूर करना।
  • मोबाइल फोन के सुरक्षित व प्रभावी उपयोग की जानकारी।
  • डिजिटल साक्षरता
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