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 पृथ्वी की खराब स्थिति

प्रारम्भिक परीक्षा – पृथ्वी की जलवायु , जैव विविधता
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-3

संदर्भ

  • अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक समूह ने 13 सितम्बर 2023 को जर्नल साइंस एडवांसेज पत्रिका में बताया कि, पृथ्वी की खराब स्थिति के लिए 9 कारक जिम्मेदार हैं जो इस प्रकार हैं-पृथ्वी की जलवायु , जैव विविधता, भूमि, ताजा पानी, पोषक तत्व प्रदूषण और "नावेल" रसायन (माइक्रोप्लास्टिक्स और परमाणु अपशिष्ट जैसे मानव निर्मित यौगिक) ये सभी अव्यवस्थित हैं।

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प्रमुख बिंदु 

  • इस अध्ययन में कहा गया है कि केवल महासागरों की अम्लता, वायु की गुणवत्ता और ओजोन परत सुरक्षित मानी जाने वाली सीमाओं के भीतर हैं तथा समुद्र और वायु प्रदूषण दोनों गलत दिशा में जा रहे हैं। जिससे "पृथ्वी बहुत ही खराब स्थिति में है। 
  • 2009 में, रॉकस्ट्रॉम और अन्य शोधकर्ताओं ने नौ अलग-अलग व्यापक सीमा क्षेत्र बनाए और समग्र रूप से पृथ्वी के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक माप का उपयोग किया। रॉकस्ट्रॉम के अनुसार, नदी के बिगड़ते प्रवाह के कारण पानी सुरक्षित सीमा से बाहर की श्रेणी में चला गया।
  • जलवायु वैज्ञानिक रॉकस्ट्रॉम के अनुसार, ये सीमाएं "पृथ्वी के भाग्य का निर्धारण करती हैं"। 
  • यदि पृथ्वी इन नौ कारकों का प्रबंधन कर सकती है, तो पृथ्वी अपेक्षाकृत सुरक्षित हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं है।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्व-औद्योगिक काल से पेरिस जलवायु समझौते के 1.5 डिग्री (2.7 डिग्री फ़ारेनहाइट) वार्मिंग के बजाय वायु में 350 भाग प्रति मिलियन कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग अभी भी हो रहा है। इस साल वायु में कार्बन 424 पार्ट्स प्रति मिलियन पर पहुंच गया।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, नौ कारक आपस में जुड़े हुए हैं। जैसे- जलवायु या जैव विविधता एक दूसरे को प्रभावित करते हैं तो पृथ्वी के अन्य पर्यावरणीय तत्व भी  प्रभावित होते हैं, जबकि एक करक को ठीक करने से दूसरा भी अपने आप ठीक होने लगता है। 

पृथ्वी को स्वस्थ करने के उपाय 

  • इस अध्ययन में कहा गया है कि सिमुलेशन से पता चला है कि "जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए मानव के पास सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक" अपनी भूमि को साफ करना और जंगलों को बचाना  है। 
  • अध्ययन में कहा गया है कि जंगलों को 20वीं सदी के उत्तरार्ध के स्तर पर लौटाने से वायु के बजाय कार्बन डाइऑक्साइड को संग्रहित करने के लिए पर्याप्त प्राकृतिक सिंक उपलब्ध होंगे, जिससे इस बढ़ती गर्मी को रोका जा सकता है।
  • जैव विविधता, जीवन की गुणवत्ता और विभिन्न प्रकार की प्रजातियां, सबसे अधिक परेशान वाली स्थिति में है फिर भी जलवायु परिवर्तन जैसे अन्य मुद्दों जितना ध्यान नहीं दिया जाता है।
  • कार्बन चक्र और जल चक्र को बरकरार रखने के लिए जैव विविधता मौलिक है।
  • आज हमारे सामने सबसे बड़ा संकट, जलवायु संकट और जैव विविधता संकट है।

निष्कर्ष

  • अगर हम पृथ्वी पर पड़ने वाले दबाव को जल्दी से कम नहीं करते हैं, तो हम जल्द ही विनाश के कगार पर पहुँच जायेंगे।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- निम्नलिखित कारकों पर विचार कीजिए :

  1. पृथ्वी की जलवायु 
  2. जैव विविधता
  3. भूमि 
  4. ऑक्सीजन

उपर्युक्त में से पृथ्वी की ख़राब स्थिति के जिम्मेदार कारक हैं ?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) केवल तीन

(d) किसी ने नहीं

उत्तर : (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न -  पृथ्वी पर बदलते जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान कीजिए एवं इनके प्रभाव को कैसे कम किया जा सकता है उपाय सुझाएँ?

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