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बीमा वाहक (Bima Vahak)

प्रारंभिक परीक्षा बीमा वाहक (Bima Vahak)
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-3

चर्चा में क्यों

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 31 दिसंबर 2024 तक देश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘बीमा वाहक’ तैनात करने की घोषणा की।

Bima-vahak

 प्रमुख बिंदु 

  • भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण के अनुसार ‘बीमा वाहक’  एक महिला-केंद्रित बीमा वितरण चैनल है।
  •  यह चैनल ‘बीमा विस्तार’ के लॉन्च होने पर प्रभावी हो जाएगी,ध्यातव्य है कि बीमा विस्तार अभी विकासात्मक प्रक्रिया में है।
  • बीमा वाहक का प्राथमिक उद्देश्य प्रत्येक गांव/ग्राम पंचायत में बीमा समावेशन और जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित एक समर्पित वितरण चैनल स्थापित करना है, जिससे देश में बीमा की पहुंच और उपलब्धता बढ़े।

 ‘बीमा वाहक’ पहल

  • भारत में बीमा कवरेज और पहुंच को विस्तार देने  के लिए ‘बीमा वाहक’ पहल शुरू की गई है।
  • इस महिला केंद्रित पहल का उद्देश्य एक समर्पित वितरण चैनल बनाना है जो भारत के हर कोने में बीमा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
  • बीमा वाहकों को दो श्रेणियों के बीच विभाजित किया गया हैं: व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट।
  • ये दोनों श्रेणियां बीमा सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  • आईआरडीएआई के नये दिशानिर्देशों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें बीमा वाहक के साथ काम करने वाले बीमाकर्ताओं की संख्या पर प्रतिबंध हटा लिया गया है।
  • बीमा वाहक से जीवन बीमाकर्ता, सामान्य बीमाकर्ता, स्वास्थ्य बीमाकर्ता और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ काम करने के प्रतिबंध को समाप्त कर दिया गया है।

बीमा वाहक की भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ:

  • बीमा वाहक कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत  प्रस्ताव के संग्रह और अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) दस्तावेजों सहित विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए अधिकृत हैं।
  • वे बीमा दावों से संबंधित सेवाओं का भी समन्वय करेंगे।
  • इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करेंगे 
  • नया दिशानिर्देश इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर देते हैं।
  • प्रत्येक बीमाकर्ता को संभावित ग्राहकों और पॉलिसीधारकों को प्रीमियम भुगतान के लिए वैकल्पिक तरीके प्रदान करने की आवश्यकता होती है।
  • बीमा वाहकों द्वारा  बीमाकर्ताओं को प्रीमियम के सीधे प्रेषण में सक्षम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान विधियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI):

  • भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की स्थापना भारत के बीमा उद्योग को विनियमित करने के लिए 19 अप्रैल 2000 को की गई थी।

IRDAI के कार्य:

  • भारत में बीमा और पुनर्बीमा उद्योगों को विनियमित और लाइसेंस देना
  • पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करना
  • भारत में बीमा उद्योग के व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना
  • पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करना
  •  बीमा उद्योग का त्वरित और व्यवस्थित विकास
  •  वास्तविक दावों का त्वरित निपटान
  •  प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना 
  •  बीमा से जुड़े वित्तीय बाजारों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और व्यवस्थित आचरण को बढ़ावा देना
  •  विवेकपूर्ण विनियमन सुनिश्चित करना 
  •  बीमा बाजार की वित्तीय सुरक्षा

प्रश्न:  निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की स्थापना  19 अप्रैल 2002 को हुई।
  2. IRDAI के कार्य भारत में बीमा और पुनर्बीमा उद्योगों को विनियमित और लाइसेंस देना है।
  3. भारत में बीमा कवरेज और पहुंच को विस्तार देने  के लिए ‘बीमा वाहक’ पहल शुरू की गई है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

 (a) केवल एक   

(b) केवल दो 

(c) सभी तीन  

(d) कोई भी नहीं 

उत्तर: (b)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : बीमा वाहक क्या है? बीमा वाहक के  प्राथमिक उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए।

स्रोत: बिजनेस लाइन

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