New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

बीटी कपास गुलाबी /पिंक बॉलवर्म से प्रभावित  (Bt Cotton Affected By Pink Bollworm)

प्रारम्भिक परीक्षा – गुलाबी /पिंक बॉलवर्म
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-3

संदर्भ

  • उत्तर भारतीय राज्यों में कपास की फसलें पिंक बॉलवर्म (Pectinophora Gossypiella) से गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।

Bt-Cotton

प्रमुख बिंदु 

  • पिंक बॉलवर्म को गुलाबी कीट के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह उत्तर भारतीय राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कपास की फसलों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं।
  • बीटी कपास को इन कीटों से बचाव के लिए बनाया गया था। लेकिन ये कपास भी इन कीटों के प्रभाव से बच नहीं सका। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना कर पड़ रहा है कभी-कभी नुकसान इतना अधिक हो जाता है कि किसान आत्महत्या तक करने लिए मजबूर हो जाते हैं।

बीटी कपास (Bt cotton) :-

  • बीटी कपास का निर्माण बैसिलस थुरीनजिएंसिस (Bacillus thuringiensis :Bt) नामक जीवाणु के प्रोटीन के द्वारा होता है।
  • यह जीवाणु अपने स्ट्रेन (Strain) से एक विशेष प्रोटीन बनाते हैं जो विशेष प्रकार के कीटों को मरने में सक्षम होती है। 
  • ऐसे प्रोटीन के जीन को जब जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से कपास के पौधों में डालकर पीड़क प्रतिरोधी/नाशक बनाया जाता है तब ऐसे निर्मित कपास को बीटी कपास कहते हैं।
  • इस जीवाणु (Bt) के प्रोटीन से निर्मित विष का प्रभाव कीट समुदाय के विभिन्न वर्गों जैसे- Lepidopteron (तंबाकू का कीड़ा), कॉलिप्टरोन (भृंग या Beetles) तथा डायप्टेरोन (मक्खी, मच्छर) पर भी होता है।

पिंक बॉलवर्म 

  • पिंक बॉलवॉर्म/गुलाबी भारतीय मूल का एक कीट है जिसे कपास की कृषि के लिए हानिकारक कीट के रूप में जाना जाता है। 
  • पिंक बॉलवॉर्म कीट का वैज्ञानिक नाम पेक्टिनोफोरा गॉसीपियेला (Pectinophora gossypiella) है। 
  • इन कीटों में वयस्क कीट केवल 2 सप्ताह तक जीवित रहते हैं। 
  • मादाएं  कीट एक बार में लगभग 200 से अधिक अंडे देती हैं।
  • यह कीट अब विश्व के लगभग सभी कपास उत्पादक देशों में पाया जाता।
  • ये कीट गहरे भूरे रंग के होते हैं जो अपनी विनाशकारी लार्वा के लिए जाने जाते हैं।
  • ये कीट कपास की कलियों और बीजकोषों को क्षति पहुंचाते हैं । 

निवारक उपाय

  • जल्दी परिपक्व होने वाले कपास के बीजों का इस्तेमाल करें। 
  • कीट नाशक का छिड़काव करें। 
  • कपास के पौधों की नियमित निगरानी करें।
  • गर्मियों के मौसम में खेत को 2-3 महीने के लिए खाली छोड़ दें।
  • फसल चक्र में परिवर्तन करके खेत में करीब 7 महीने तक कपास मुक्त कृषि करें।
  • फ़सल को जल्दी काट कर पौधों के अवशेषों को नष्ट कर दें या जला दें ।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:-निम्नलिखित में से कपास की फसल पर किस कीट का प्रभाव होता है?

(a) सोल्जर कीट 

(b) बोरर कीट 

(c) पिंक बॉलवर्म कीट 

 (d) हॉपर कीट 

उत्तर: (c)

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X