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कार्बन न्यूट्रल ग्राम

प्रारम्भिक परीक्षा – कार्बन न्यूट्रल ग्राम
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3

संदर्भ  

  • IIT BHU (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के एक रिपोर्ट के अनुसार,कार्बन न्यूट्रल गाँव बनने की दिशा में ग्राम पंचायत हसुड़ी औसानपुर प्रयासरत है।

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प्रमुख बिंदु 

  • IIT BHU (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के अनुसार, सौर ऊर्जा से संबंधित कुछ बिंदुओं पर काम हो जाए तो इस गाँव को कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत का दर्जा मिल सकता है। 
  • इसके लिए IIT BHU (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) की टीम ने जनवरी, मार्च और मई में तीन बार इस गांव का सर्वे कर यह रिपोर्ट सीडीओ को प्रस्तुत की है। 

ग्राम पंचायत हसुड़ी औसनपुर की विशेषता- 

  • यह ग्राम पंचायत उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर  के भानवापुर ब्लॉक के अंतर्गत आता है। 
  • इस गांव के विकास मॉडल पर आधारित फिल्म को G-20 शिखर सम्मलेन में प्रस्तुत किया गया था।
  • इस गांव को IIT BHU के द्वारा गोद लेकर कार्बन न्यूट्रल गांव बनाने का प्रयास किया जा रहा।
  • इसके अतिरिक्त इस गांव में शिक्षा एवं रोजगार को भी बेहतर करने का काम किया जा रहा है।
  • इस ग्राम पंचायत ने कार्बन न्यूट्रल गाँव बनने के लिए दिसंबर 2022 में हीं ग्रीन टेक टावर अपने गाँव में स्थापित कर लिया था। यह टावर वायु में उपस्थित कार्बन कण को अवशोषित कर वातावरण को शुद्ध करता है। 
  • इसके अतिरिक्त इस गांव ने 40,000 से अधिक पौधों का वृक्षारोपण भी किया है।
  • यह गाँव नाना जी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम पुरस्कार तथा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण दोनों पुरस्कार प्राप्त करने वाला भारत का पहला ग्राम पंचायत है।

कार्बन न्यूट्रल गाँव बनने के मानदंड :

  • रिपोर्ट के अनुसार, औसानपुर गांव में 1670 एलइडी बल्ब, पांच ई-रिक्शा, पाच ई-साइकिल, 100 सोलर स्ट्रीट लाइट, दस सोलर हाई मास्क लाइट, 173 सोलर कूकर, पांच सोलर हीटर, पांच मोबाइल सोलर वाटर पंप, एक बायो गैस प्लाट, एक सोलर चार्जिंग स्टेशन, एक ट्री बैंक, एक सोलर कोल्ड स्टोरेज आदि होना चाहिए।

विशेष तथ्य 

  • कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत बनाने की पहल पंचायती राज मंत्रालय ने की थी। 
  • वर्ष 2022 में पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा जम्मू-कश्मीर के सावा जिले की पल्ली ग्राम पंचायत को पहला कार्बन न्यूट्रल पंचायत घोषित किया गया था। 
  • इस ग्राम पंचायत में 500 किलोवाट का सौर संयंत्र स्थापित है। 

कार्बन न्यूट्रल ग्राम  

  • जिस गांव में शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन होता है उसे कार्बन न्यूट्रल गांव कहा जाता है। अर्थात जिस गाँव की सारी गतिविधियाँ सौर ऊर्जा द्वारा संचालीत हों।
  • इस योजना में सरकार द्वारा “ग्राम ऊर्जा स्वराज” कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत को स्वच्छ बिजली तथा अन्य सुविधा प्रदान की जाती है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:-हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार,IIT BHU के द्वारा किस ग्राम पंचायत को कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत बनाने का प्रयास किया जा रहा है ?

(a)  पल्ली ग्राम पंचायत

(b)  हसुड़ी औसनपुर ग्राम पंचायत 

(c)  किरिटेश्वरी ग्राम पंचायत

(d)  मौलिन्नोंग ग्राम पंचायत

उत्तर: (b)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत क्या हैं ? इनके महत्त्व की व्यख्या करें?

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