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देश-तत्परता सूचकांक

संदर्भ

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (United Nations Conference on Trade and Development- UNCTAD) ने ‘देश-तत्परता सूचकांक’ जारी किया है।

प्रमुख बिंदु 

  • इसके अनुसार, भारत फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों के मामले में देश के प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) की तुलना में सबसे बड़ा 'ओवरपरफॉर्मर' था। भारत की वास्तविक रैंकिंग 43 थी, जबकि प्रति व्यक्ति आय पर आधारित अनुमान 108 का था। अर्थात भारत ने 65 रैंकिंग का ओवरपरफॉर्म किया है। उल्लेखनीय है की फिलीपींस ने 57 रैंकिंग स्थानों का ओवरपरफॉर्म किया है।
  • अमेरिका, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम को फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों के लिये ‘पूरी तरह से तैयार’ श्रेणी में रखा गया है।
  • भारत और चीन दोनों ने अनुसंधान व विकास में अच्छा प्रदर्शन किया है। यह तुलनात्मक रूप से कम लागत पर उपलब्ध योग्य और अत्यधिक कुशल मानव संसाधनों की पर्याप्त आपूर्ति को दिखाता है।
  • इस सूचकांक में भौतिक निवेश, मानव पूँजी और तकनीकी प्रयासों से संबंधित राष्ट्रीय क्षमताओं पर विचार करते हुए फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में देशों की प्रगति का विश्लेषण किया गया।
  • भारत के अतिरिक्त अन्य कई विकासशील देशों ने भी अपने सकल घरेलू उत्पाद क्षमता से बढ़कर फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने और उन्हें अनुकूलित करने की मज़बूत क्षमता प्रदर्शित की है।

फ्रंटियर प्रौद्योगिकी

  • फ्रंटियर प्रौद्योगिकियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, बिग डाटा, ब्लॉकचेन, पाँचवीं पीढ़ी के मोबाइल फ़ोन, त्रि-आयामी प्रिंटिंग (3-D Printing), रोबोटिक्स, ड्रोन, जीन-एडिटिंग, नैनो तकनीक और सौर ऊर्जा शामिल हैं। ये तकनीत डिजिटलीकरण और कनेक्टिविटी का लाभ उठाती है।
  • विकासशील देशों को औद्योगिक नीतियों के साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीतियों को मिलाने की आवश्यकता है।
  • नई प्रौद्योगिकियाँ पारंपरिक उत्पादन क्षेत्रों को फिर से मज़बूत कर सकती हैं और औद्योगीकरण व आर्थिक संरचनात्मक परिवर्तन को गति दे सकती हैं।
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