New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

सीएसआईआर प्राइमा ईटी11 (CSIR PRIMA ET11)

प्रारम्भिक परीक्षा- सीएसआईआर प्राइमा ईटी11
मुख्य परीक्षा – सामान्य अध्ययन, पेपर-

चर्चा में क्यों

 केंद्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CMERI) दुर्गापुर ने पहला स्वदेशी ई-ट्रैक्टर सीएसआईआर- प्राइमा ईटी11 (CSIR PRIMA ET11) विकसित किया

PRIMA ET11

प्रमुख बिंदु : 

  • भारत में कृषि लगभग 55 प्रतिशत जनसंख्या के लिए आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। 
  • मशीनीकरण द्वारा कृषि उत्पादकता बढ़ाने में ट्रैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने पिछले कुछ दशकों में उत्पादन क्षमता और प्रौद्योगिकी के मामले में एक लंबा सफर तय किया है।
  • सीएमईआरआई(CMERI) का विभिन्न रेंज और क्षमता वाले के ट्रैक्टरों के डिजाइन और विकास का इतिहास रहा है।
  • भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित ट्रैक्टर स्वराज है जिसे 1965  में बनाया गया था।
  • उसके बाद 2000 में 35 एचपी सोनालिका ट्रैक्टर फिर 2009 में छोटे और सीमांत किसानों के मांग पर 12 एचपी कृषिशक्ति के छोटे डीजल ट्रैक्टर बनाया गया।
  • सीएमईआरआई (CMERI) ने ट्रैक्टर में उन्नत तकनीक के परिणामस्वरूप ई-ट्रैक्टर विकसित किया गया है। 
  • यह केंद्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CMERI) दुर्गापुर द्वारा विकसित स्वदेशी ई-ट्रैक्टर है।
  • सीएमईआरआई ने भारत के छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीएसआईआर प्राइमा ईटी11 नामक कॉम्पैक्ट 100 प्रतिशत शुद्ध इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है।

 सीएसआईआर प्राइमा ईटी11 (CSIR PRIMA ET11) की मुख्य विशेषताएं:

  • ट्रैक्टर को स्वदेशी  प्रौद्योगिकी के साथ डिजाइन और निर्मित किया गया है।
  • इस ट्रैक्टर का डिजाइन कृषि क्षेत्र के अनुरूप किया गया है जैसे: गतिशीलता, मॉल ढुलाई, ट्रांसमिशन संलग्नता,लीवर और पेडल आदि।
  • यह महिलाओं के अनुकूल है क्योंकि महिलाओं तक आसान पहुंच के लिए सभी लीवर, स्विच आदि लगाए गए हैं।
  • किसान पारंपरिक घरेलू चार्जिंग सॉकेट का उपयोग करके 7 से 8 घंटे में ट्रैक्टर को चार्ज कर सकते हैं और खेत में 4 घंटे से अधिक समय तक ट्रैक्टर चला सकते हैं।
  • ट्रैक्टर में सेमी सिंक्रोनाइज्ड टाइप गियरिंग सिस्टम का उपयोग करके मजबूत और कुशल ट्रांसमिशन सिस्टम के साथ डिजाइन किया गया है।
  • ट्रैक्टर 500 किलोग्राम या उससे अधिक भार उठाने की क्षमता के साथ उच्च श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ हाइड्रोलिक से सुसज्जित है।
  • आवश्यक कवर और गार्ड के साथ इसकी मजबूत डिजाइन इसे कीचड़ और पानी से बचाती है।
  • यह अत्याधुनिक लिथियम आयन बैटरी से युक्त है।
  • नियंत्रक और उपकरण क्लस्टर को कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित किया गया है।
  •  इसकी बैटरी का अन्य उपयोग जैसे: पंप और सिंचाई आदि के लिए भी  किया जा सकता है।

प्रश्न:  निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. केंद्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CMERI) ने पहला स्वदेशी ई-ट्रैक्टर सीएसआईआर- प्राइमा ईटी11 (CSIR PRIMA ET11) विकसित किया
  2.  केंद्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान(CMERI) भोपाल में स्थित है।
  3. भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित ट्रैक्टर सोनालिका है। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) सभी तीनों

(d) कोई भी नहीं

उत्तर : (a)

मुख्य परीक्षा प्रश्न: इलेक्ट्रिक वाहनों  के उपयोग में आने वाली प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR