दिल्ली विधानसभा: पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली देश की पहली विधानसभा

चर्चा में क्यों ?

  • दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली भारत की पहली विधानसभा बन जाएगी।
  •  इस पहल की आधारशिला 12 मई 2025 को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने रखी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता- मुख्य अतिथि 

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • मौजूदा स्थिति:-वर्तमान में दिल्ली विधानसभा की बिजली जरूरतें 200 किलोवाट के छत पर लगे सौर संयंत्र से रूप से पूरी होती हैं।
  • नया संयंत्र
    • क्षमता: 500 किलोवाट
    • स्थान: विधानसभा भवन की छत, 3,250 वर्ग फीट में फैला
    • निर्माण अवधि: 45 दिन
    • लागत: ₹2 करोड़
    • बिजली उत्पादन: 8,20,000 यूनिट/वर्ष
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता
    • विधानसभा की वार्षिक खपत (7,00,000 यूनिट) से अधिक बिजली उत्पादन
    • अतिरिक्त बिजली राष्ट्रीय ग्रिड में जाएगी, जिससे राजस्व प्राप्त होगा।
  • बिजली बिल: शून्य
  • पर्यावरणीय लाभ
    • कार्बन फुटप्रिंट में कमी
    • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

दिल्ली में सौर ऊर्जा की अन्य उपलब्धियाँ

  • ओखला विहार मेट्रो स्टेशन पर देश का पहला वर्टिकल बाई-फेसियल सौर संयंत्र (DMRC द्वारा) हाल ही में शुरू हुआ।

भारत में सौर ऊर्जा की स्थिति

बिंदु

विवरण

कुल स्थापित क्षमता (जनवरी 2025)

105.3 गीगावाट लगभग 

वैश्विक रैंकिंग

चौथा (चीन, अमेरिका, जर्मनी के बाद)

2030 तक लक्ष्य

500 गीगावाट (सौर + पवन + अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से)

कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2025 तक 

 220.10 गीगावाट

प्रश्न:- भारत में पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली पहली विधानसभा कौन-सी है?

(a) महाराष्ट्र विधानसभा

(b) गुजरात विधानसभा

(c) दिल्ली विधानसभा

(d) तमिलनाडु विधानसभा

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