धरती आबा जनभागीदारी अभियान

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय ने "धरती आबा जनभागीदारी अभियान" की शुरुआत की है।

धरती आबा जनभागीदारी अभियान:

  • यह देश का सबसे बड़ा जनजातीय सशक्तिकरण और लाभ-संतृप्ति कार्यक्रम है।
  • ये विशेष रूप से जनजातीय समुदायों को सशक्त बनायेगा।
  • यह 15 से 30 जून 2025 तक चलेगा।
  • इसके अंतर्गत 549 जनजातीय बहुल जिले और 207 PVTG बहुल जिले को लक्षित किया गया है।
  • इसमें लगभग 1 लाख गाँव और बस्तियाँ को कवरेज किया जायेगा।

अभियान की रणनीति

  • डोरस्टेप डिलीवरी मॉडल: गाँव-स्तरीय शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाओं को लोगों के घर तक पहुँचाना।
  • सहभागिता आधारित दृष्टिकोण: पंचायतों, आदिवासी नेताओं और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी।
  • समन्वित प्रयास: विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और हितधारकों के सहयोग से।

जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs – MoTA)

  • भारत सरकार का एक प्रमुख मंत्रालय है।
  • यह देश के अनुसूचित जनजातियों के संपूर्ण विकास, कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कार्य करता है।

स्थापना और इतिहास:

घटक

विवरण

स्थापना वर्ष

अक्टूबर 1999

पूर्व में

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का एक विभाग

स्वतंत्र मंत्रालय के रूप में

1999 से

वर्तमान केंद्रीय मंत्री

श्री जुएल ओरांव (2024–वर्तमान)

राज्य मंत्री

श्री दुर्गा दास उइके

प्रश्न."धरती आबा जनभागीदारी अभियान" किस मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है?

(a) ग्रामीण विकास मंत्रालय

(b) जनजातीय कार्य मंत्रालय

(c) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

(d) अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय

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