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मधुमेह और स्मार्ट इंसुलिन

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव)

संदर्भ

वैज्ञानिकों ने मधुमेह के उपचार के लिए एक स्मार्ट इंसुलिन विकसित करने में सफलता प्राप्त की है, जिसका नाम ‘NNC2215’ है। यह व्यक्ति के रक्त शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव के अनुसार वास्तविक समय में प्रतिक्रिया करता है।

मधुमेह के बारे में 

मधुमेह में रक्त शर्करा (ग्लूकोज) का स्तर बढ़ जाता है। यह तब होता है जब शरीर इंसुलिन का उत्पादन या उपयोग प्रभावी ढंग से नहीं कर पाता है। इंसुलिन नामक हार्मोन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

मधुमेह के दो मुख्य प्रकार 

  • टाइप 1 मधुमेह : यह एक ऑटोइम्यून स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करती है और उन्हें नष्ट कर देती है। फलतः अग्न्याशय बहुत कम या बिल्कुल भी इंसुलिन नहीं बना पाता है।
    • शुरुआत : आमतौर पर बचपन में विकसित।
    • प्रबंधन : आजीवन इंसुलिन थेरेपी की आवश्यकता।
  • टाइप 2 मधुमेह : इस स्थिति में शरीर इंसुलिन के लिए प्रतिरोधी हो जाता है या अग्न्याशय सामान्य ग्लूकोज के स्तर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
    • शुरुआत : वयस्कों में अधिक सामान्य है किंतु जीवनशैली कारकों के कारण बच्चों में तेजी से देखा जा रहा है।
    • प्रबंधन : जीवनशैली में बदलाव और इंसुलिन या अन्य दवाएं शामिल।

वर्तमान उपचारों के साथ चुनौतियाँ

  • उपरोक्त दोनों प्रकार के मधुमेह को सिंथेटिक इंसुलिन द्वारा प्रबंधित किया जाता है जिसमें कुछ चुनौतियाँ हैं-
    • रक्त शर्करा परिवर्तनशीलता : रक्त शर्करा के स्तर में पूरे दिन उतार-चढ़ाव होता रहता है।
    • अधिक खुराक का जोखिम : अत्यधिक इंसुलिन हाइपोग्लाइसीमिया (खतरनाक रूप से कम रक्त शर्करा) का कारण बन सकता है। 
    • निगरानी आवश्यकताएँ : रोगियों को लगातार अपने रक्त शर्करा के स्तर की जाँच करनी होती है और अपनी इंसुलिन खुराक को समायोजित करना होता है, जो समय लेने वाला एवं तनावपूर्ण हो सकता है।

स्मार्ट इंसुलिन ‘NNC2215’ के बारे में 

  • NNC2215 के विकास में डेनमार्क, यू.के. और चेक गणराज्य की कंपनियों के साथ-साथ ब्रिटोल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम शामिल है। 
  • नव विकसित स्मार्ट इंसुलिन में एक ऑन-ऑफ स्विच है जो इसे रक्त शर्करा के स्तर में परिवर्तनों के लिए वास्तविक समय में प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाता है।
  • यह एक रिंग के आकार की संरचना और एक ग्लूकोसाइड अणु है जो आकार में ग्लूकोज जैसा दिखता है।

NNC2215 की कार्यक्षमता 

  • जब रक्त शर्करा का स्तर कम होता है, तो ग्लूकोसाइड रिंग की संरचना से बंध जाता है, जिससे इंसुलिन निष्क्रिय अवस्था में रहता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर और कम होने से रोका जा सकता है।
  • लेकिन, जैसे-जैसे रक्त शर्करा बढ़ता है, ग्लूकोसाइड की जगह ग्लूकोज ले लेता है, जिससे इंसुलिन अपना आकार बदलने लगता है और सक्रिय हो जाता है, जिससे रक्त शर्करा के स्तर को सुरक्षित सीमा तक लाने में मदद मिलती है।

शोध निष्कर्ष

प्रारंभिक अध्ययनों में NNC2215 को पशु मॉडल, विशेष रूप से चूहों एवं सुकरों में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मानव इंसुलिन जितना ही प्रभावी दिखाया गया है। शोधकर्ता इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता का अधिक आकलन करने के लिए निकट भविष्य में मानव परीक्षण करने की तैयारी कर रहे हैं।

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