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ई प्राइम परत 

प्रारम्भिक परीक्षा – ई प्राइम परत
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1 

संदर्भ

  • भूकंपविज्ञानियों की एक टीम ने पृथ्वी की सतह पर एक पतली ई प्राइम परत की खोज की है।

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प्रमुख बिंदु 

  • इसकी खोज एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डैन शिम, तेह्युन किम और स्कूल ऑफ अर्थ एंड स्पेस एक्सप्लोरेशन के जोसेफ ओ'रूर्के सहित शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने की है। 

ई प्राइम परत 

  • इस परत का निर्माण पृथ्वी के सतही जल का आंतरिक भाग लगभग 1800 मील निचे कोर-मेंटल सीमा पर पहुँचाने से होता है।  

ई प्राइम परत बनने की प्रक्रिया 

  • जब पानी पृथ्वी की आंतरिक परत में प्रवेश करता है तो रासायनिक परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है; जिससे धात्विक तरल बाहरी कोर पर हाइड्रोजन समृद्ध एवं सिलीकॉन रहित पतली परत का निर्माण होता है जो एक फिल्म जैसी संरचना दिखाती है।
  • इसके अतिरिक्त, जब पानी कोर-मेंटल सीमा तक पहुंचता है, तो यह कोर में सिलिकॉन के साथ प्रतिक्रिया करता है, जिससे सिलिका बनता है।

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  • सतही जल का पृथ्वी के आतंरिक भाग में प्रवेश करने की प्रक्रिया टेक्टोनिक प्लेटों के द्वारा अरबों वर्षों में होता है। 
  • यह संशोधित तरल धात्विक परत भूकंपविज्ञानियों द्वारा मैप की गई विषम विशेषताओं के अनुरूप, कम भूकंपीय वेग के साथ, कम घनी होने की भविष्यवाणी की गई है।

महत्व

  • यह खोज पृथ्वी की आंतरिक प्रक्रियाओं जैसे- भूकंप आदि के बारे में हमारी समझ को आगे बढ़ाती है, जो पहले से मान्यता प्राप्त जानकारी की तुलना में अधिक व्यापक वैश्विक जल चक्र होने का सुझाव देती है। 
  • कोर की परिवर्तित "फिल्म"/दृश्य का भू-रासायनिक चक्रों पर गहरा प्रभाव पड़ता है जो सतह-जल चक्र को गहरे धात्विक कोर से जोड़ता है।

पृथ्वी की आंतरिक संरचना: 

  • पृथ्वी की आंतरिक संरचना मानव के लिए दृश्य नहीं है,अतः इसके संबंध में जानकारी अप्रत्यक्ष साधनों से प्राप्त हुआ है।

इन साधनों को तीन वर्गो में विभाजित किया गया है-

1.अप्राकृतिक (Artificial Sources) :इसके अंतर्गत पृथ्वी का घनत्व, दबाव एवं तापमान का अध्ययन किया जाता है। 

2. प्राकृतिक साधनः इसके अंतर्गत पृथ्वी के आंतरिक भाग का अध्ययन ज्वालामुखी एवं भूकंप के माध्यम से किया जाता है। 

3.पृथ्वी की उत्पत्ति से संबधित सिद्धांतो  के साक्ष्य: इसके अंतर्गत पृथ्वी के आंतरिक भाग का अध्ययन पृथ्वी की उत्पत्ति से संबधित दिये गये सिद्धांतो  के साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है; जैसे- ग्रहाणु परिकल्पना-इसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग को ठोस माना गया है। ज्वारीय परिकल्पना और वायव्य निहारिका परिकल्पना- इसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग को तरल माना गया है।  

  • नोट - पृथ्वी का आंतरिक भाग ठोस और तरल दोनों से मिलकर बना है।

IUGG

  • International Union of Geodesy and Geophysics :IUGG के शोध के आधार पर पृथ्वी के आंतरिक भाग को तीन भागों में विभक्त किया गया है -

1.भू-पर्पटी (Crust)
2- मैंटल (Mantle)
3. क्रोड़ (Core)

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- भूकंप वैज्ञानिकों की एक टीम ने पृथ्वी के कितने अंदर एक पतली ई प्राइम परत की खोज की है?

(a)  लगभग 1500 मील अंदर 

(b)  लगभग 1600 मील अंदर

(c)  लगभग 1700 मील अंदर

(d)  लगभग 1800 मील अंदर

उत्तर: (b)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- ई प्राइम परत क्या है? इसके निर्माण की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।

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