New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

ओडिशा में मेलेनिस्टिक टाइगर सफारी की स्थापना

प्रारम्भिक परीक्षा – ओडिशा में मेलेनिस्टिक टाइगर सफारी की स्थापना
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3 (आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण)

संदर्भ

  • ओडिशा सरकार ने 24 जनवरी को दुनिया में अपनी तरह की पहली मेलानिस्टिक टाइगर सफारी स्थापित करने की घोषणा की।

Tiger-Safari

प्रमुख बिंदु 

  • इस टाइगर सफारी की स्थापना ओडिशा के मयूरभंज जिला के मुख्यालय शहर बारीपदा के पास किया जा रहा है।
  • ओडिशा में टाइगर सफारी स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की तकनीकी समिति द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।
  • यह टाइगर सफारी राष्ट्रीय राजमार्ग-18 से सटे 200 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत होगा। 
  • यह टाइगर सफारी स्थल सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR) से लगभग 15 किमी दूर है।

मेलानिस्टिक टाइगर सफारी स्थापित करने का उद्देश्य:-

  • टाइगर सफारी को स्थापित करने का उद्देश्य ओडिशा में वन्यजीव पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
  • यह वन्यजीव पर्यटन क्षेत्र अपनी अनूठी जैव विविधता के संरक्षण और प्रदर्शन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को उजागर करेगा। 

महत्व:-

  • यह पहल संरक्षणवादियों, शोधकर्ताओं और आम जनता को इन राजसी प्राणियों की दुर्लभ सुंदरता को करीब से देखने और उनके संरक्षण आवश्यकताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाएगी।
  • इस टाइगर सफारी का राष्ट्रीय राजमार्ग और बारीपदा शहर के निकट स्थित होने के कारण पर्यटकों की प्रभावशाली संख्या आने की उम्मीद है। 
  • नंदनकानन चिड़ियाघर से बचाए गए या अनाथ बाघों को सफारी में एक खुले बाड़े में रखा जाएगा।

मेलानिस्टिक (Melanistic):-

  • मेलेनिन नामक वर्णक (रंग देने वाला पदार्थ ) या जे‍नेटिक म्‍यूटेशन या आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण जिन जीव-जंतुओं की त्वचा या बाल बहुत गहरे काले रंग के हो जाते हैं, उन्हें मेलानिस्टिक जीव कहा जाता है; जैसे - ब्लैक पैंथर्स, तेंदुओं आदि।
  • ओडिशा के सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में इसके संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है। 
  • 'अखिल भारतीय बाघ अनुमान' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में ओडिशा के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR) में लगभग 20 बाघ हैं, जिनमें से 10 मेलेनिस्टिक बाघ हैं। 

सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR):-

str

  • यह राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा के मयूरभंज जिले में अवस्थित है।जिसका क्षेत्रफल 4374 वर्ग किलोमीटर है। 
  • इसे वर्ष 1956 में ' टाइगर रिजर्व ' को घोषित किया गया और वर्ष 1973 में राष्ट्रीय संरक्षण कार्यक्रम ' प्रोजेक्ट टाइगर ' के अंतर्गत शामिल किया गया। 
  • यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1994 में भारत सरकार द्वारा जैव मण्डल रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया।
  • इसे वर्ष 2009 में यूनेस्को के विश्व नेटवर्क ऑफ़ बायोस्फीयर रिजर्व में शामिल किया गया।

जैव विविधता:-

  • यह राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। 
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में उष्णकटिबंधीय, अर्द्ध-सदाबहार वन, उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन, शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में फूलों की 1076 प्रजातियाँ और आर्किड की 96 प्रजातियाँ पायी जाती हैं। 

वन्यजीव :-

  • इस राष्ट्रीय उद्यान में स्तनधारियों की 55, पक्षियों की 361, सरीसृपों की 62, उभयचरों की 21 प्रजातियाँ और कीड़ों एवं सूक्ष्म जीवों की कई प्रजातियाँ पायी जाती हैं। 
  • यह विश्व में मेलेनिस्टिक बाघों की एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। 
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में हाथी, बाघ , तेंदुआ, बिल्ली (प्रियोनाइलुरस विवरिनस), भेड़िया (कैनिस ल्यूपस), मगर (क्रोकोडायलस पलुस्ट्रिस) आदि पाए जाते हैं।  
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाने वाली प्रमुख अंग्युलेट प्रजातियां :-सांभर (रूसा यूनिकलर), चीतल (एक्सिस एक्सिस), बार्किंग हिरण (मंटियाकस वेजिनेलिस), गौर (बोस गौरस) और माउस हिरण (मोशियोला इंडिका) हैं।

खुरदार या अंग्युलेट (ungulate):-

  • ऐसे स्तनधारी जीव जो चलते समय अपना भार अपने पाऊँ की उँगलियों/ खुरों पर उठाते/रखते हैं। उन्हें खुरदार या अंग्युलेट जीव/प्राणी कहते हैं।
  • इस श्रेणी में घोड़ा, गधा, ज़ेब्रा, गाय, गेंडा, ऊँट, दरियाई घोड़ा, सूअर, बकरी, तापीर, हिरन, जिराफ़, ओकापी, साइगा और रेनडियर आदि आते हैं।

ओडिशा के प्रमुख उद्यान: – 

  • भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान,
  • नंदनकानन वन्यजीव अभयारण्य (सफ़ेद बाघों के लिए प्रसिद्ध), 
  • गहिरमाथा वन्यजीव अभ्यारण्य- ओलिव रिडले कछुओं का प्रमुख प्रजनन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।  
  • चिलिका वन्यजीव अभ्यारण्य:- यह एशिया की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
  • इसके अतिरिक्त ओडिशा में बदरमा, लखारी घाटी, हदगढ़, बैसीपल्ली और कोटगढ़ अन्य वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- हाल ही में किस राज्य सरकार ने विश्व की पहली मेलानिस्टिक टाइगर सफारी स्थापित करने की घोषणा की है?

(a)  केरल 

(b) ओडिशा 

(c)  मध्यप्रदेश  

(d)  अरुणाचल प्रदेश

उत्तर: (b)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- मेलानिस्टिक क्या है? ओडिशा में मेलेनिस्टिक टाइगर सफारी की स्थापना के उद्देश्यों एवं महत्व की विवेचना कीजिए

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR