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यूरेशियन H5N1

चर्चा में क्यों

हाल ही में, फ्लोरिडा में मृत पाई गई बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन के परीक्षण में बर्ड फ्लू के एक अत्यधिक विषैले स्ट्रेन की उपस्थिति का पता चला है। बर्ड फ्लू के इस स्ट्रेन का नाम यूरेशियन H5N1 है। बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन एक समुद्री स्तनधारी है। 

प्रथम प्रलेखित (Documented) मामला 

  • इससे पूर्व स्वीडन में एक पोरपोइज़ में उसी प्रकार का एवियन फ्लू पाया गया था।
  • गौरतलब है कि समुद्री स्तनधारियों के समूह सीतासियों (Cetaceans) में पहली बार एवियन फ्लू (बर्ड फ्लू) के लक्षण पाए गए हैं। 
  • सीतासियों (Cetaceans) में डॉल्फ़िन, पोरपोइज़ (Porpoise) और व्हेल शामिल हैं।
  • दो अलग-अलग महाद्वीपों में दो अलग-अलग प्रजातियों में इसकी खोज से अन्य मामलों के भी सामने आने की संभावना है। 

प्रमुख बिंदु

  • विषाणु का यह स्ट्रेन उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय पक्षियों के बीच व्यापक रूप से फैल चुका है। पक्षियों के अलावा इस विषाणु से लोमड़ी, बनविलाव (Bobcats), स्कंक्स (Skunks) और सील्स भी प्रभावित हो चुके हैं।
  • मनुष्यों के लिये इसका जोखिम कम है। हालाँकि, नई प्रजातियों में विषाणु का प्रसार अन्य वन्यजीवों के लिये संभावित जोखिम उत्पन्न कर सकता है। यह विषाणु स्तनधारी वाहकों में उत्परिवर्तन और अनुकूलन कर सकता है।

केटासियन (Cetaceans)

  • समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की गतिशीलता की दृष्टि से सीतासियों को समुद्री स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में जाना जाता है।
  • ये सामाजिक होते हैं और समूहों में रहते हैं। ये विश्व के सभी महासागरों में पाए जाते हैं।
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