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फेंगल चक्रवात

चर्चा में क्यों ?

  • 'फेंगल' चक्रवात 30 नवंबर को उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच  तट से टकरा सकता है। 
  • इस दौरान समुद्र में हलचल बढ़ गई है। 
  • तमिलनाडु के महाबलीपुरम में समुद्र ने खतरनाक रूप ले लिया है। 
  • इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।
  • तटीय इलाकों में हाई टाइड देखने को मिल रहा है।
  • इस तूफान का नाम 'फेंगल' सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। 
  • यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है।

चक्रवात

  • इसकी मुख्य विशेषता तेज हवाएं और भारी वर्षा होती है
  • इसके उत्पत्ति स्थान के आधार पर अलग-अलग नाम होते हैं।
    • टाइफून: चीन सागर और प्रशांत महासागर में।
    • हरिकेन: कैरेबियन सागर और अटलांटिक महासागर में 
    • टोरनाडो: पश्चिम अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका में।
    • विली-विलीज: उत्तर-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में।
    • उष्णकटिबंधीय चक्रवात: हिंद महासागर क्षेत्र में।

  • इन सभी प्रकार के तूफानों का वैज्ञानिक नाम उष्णकटिबंधीय चक्रवात है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति उत्तरी व दक्षिणी गोलार्द्धों में 8 डिग्री अक्षांश से 15 डिग्री अक्षांश के मध्य महासागर की सतह पर होती है। 
  • ये महासागरों के पश्चिमी भाग में उत्पन्न होते हैं जहाँ तापमान पूर्वी भागों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक होता है। 
  • उत्तरी गोलार्द्ध में इनकी दिशा वामावर्त (Counter Clockwise) और दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त (Clockwise) होती है।

निर्माण के कारक

  • 27°C या उससे अधिक का सतत समुद्री तापमान आवश्यक 
  • मध्य क्षोभमंडल में उच्च नमी 
  • हवा की औसत गति लगभग 120 किमी/घंटा
  • घूर्णन आरंभ करने के लिए कोरिओलिस बल की उपस्थिति
  • एक प्रारंभिक निम्न दबाव क्षेत्र

 

चक्रवातों का नामकरण

  • आरंभ में इनको अक्षांश तथा देशांतर के आधार पर जाना जाता था
  • भ्रम की स्थिति होने पर इनका नामकरण आरंभ किया गया।
  • 19 वीं सदी के उत्तरार्ध में एक ऑस्ट्रेलियाई मौसम विज्ञानी ने महिलाओं के नाम पर इनका नामकरण शुरू किया था 
  • अब पुरुष तथा महिला दोनों के नामों पर इनका नामकरण किया जाता है।
  • उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र में नामकरण की शुरुआत विश्व मौसम विज्ञान संगठन और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग एशिया और प्रशांत क्षेत्र द्वारा वर्ष 2004 से की गई थी। 
  • इसमें शामिल 13 देश (बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्याँमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन) पहले ही नामों की सूची तैयार कर नामकरण करने वाली समिति को सौंप देते हैं। 
  • यह समिति इस सूची में से देश के नाम के वर्णमाला क्रम के हिसाब से चक्रवातों का नामकरण करती है
  • चक्रवातों के नाम चुनते समय देशों को कुछ नियमों का पालन करना होता है –
    • प्रस्तावित नाम (क) राजनीति और राजनीतिक हस्तियों (ख) धार्मिक विश्वासों, (ग) संस्कृतियों और (घ) लिंग के प्रति तटस्थ होना चाहिए
    • नाम इस तरह से चुना जाना चाहिए कि इससे विश्व भर में किसी भी जनसंख्या समूह की भावनाओं को ठेस न पहुंचे
    • यह बहुत असभ्य और क्रूर नहीं होना चाहिए
    • यह संक्षिप्त, उच्चारण में आसान होना चाहिए तथा किसी भी सदस्य देश के लिए आपत्तिजनक नहीं होना चाहिए।
    • नाम की अधिकतम लंबाई आठ अक्षर होगी
    • प्रस्तावित नाम को उसके उच्चारण और ध्वनि सहित उपलब्ध कराया जाना चाहिए

प्रश्न- फेंगल चक्रवात का नाम किस देश ने दिया है?

(a) भारत 

(b) ओमान

(c) कतर 

(d) सऊदी अरब

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