कच्चे तेल का रुपये में पहला भुगतान यूएई को

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 3

संदर्भ-

  • 25 दिसंबर, 2023 को भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से खरीदे गए कच्चे तेल के लिए रुपये में अपना पहला भुगतान किया।

मुख्य बिंदु-

  • भारत ने जुलाई, 2023 में रुपये में निपटान के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक समझौते को औपचारिक रूप दिया था। 
  • इंडियन आयल कारपोरेशन (आइओसी) ने अबू धाबी नेशनल आयल कंपनी (एडीएनओसी) से 10 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद का भुगतान भारतीय रुपये में किया है।
  • इसके अतिरिक्त रूसी तेल भी रुपये में आयात किए गए हैं।

लाभ-

  • वैश्विक स्तर पर स्थानीय मुद्रा को बढ़ावा देने के लिए यह भारत की ओर से उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। 
  • दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश है। 
  • भारत अपनी तेल जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। 
  • इसके लिए उसे बड़े पैमाने पर डॉलर में भुगतान करना होता है।
  • ऐसे में देश ने एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें सबसे अधिक लागत प्रभावी आपूर्तिकर्ताओं से सोर्सिंग, आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने पर जोर दिया गया है। 
  • रूसी तेल आयात के रैंप-अप के दौरान राष्ट्र का दृष्टिकोण लाभप्रद साबित हुआ, जिससे अरबों डॉलर की बचत हुई।
  • यह कदम तेल आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने, लेनदेन लागत में कटौती करने और रुपये को एक व्यवहार्य व्यापार निपटान मुद्रा के रूप में स्थापित करने के भारत के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। 
  • यह पहल 11 जुलाई, 2022 को भारतीय रिजर्व बैंक उस फैसले के तहत उठाया गया है, जिसमें आयातकों को रुपये में भुगतान करने और निर्यातकों को स्थानीय मुद्रा में भुगतान प्राप्त करने की अनुमति दी गई है।

रुपये में भुगतान-

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पिछले तीन वर्षों में सीमा पार भुगतान में रुपये के उपयोग को बढ़ावा देने के अपने प्रयास में एक दर्जन से अधिक अंतरराष्ट्रीय बैंकों को रुपये में व्यापार करने की अनुमति दी है। 
  • आरबीआई अब तक 22 देशों के साथ रुपये में व्यापार की सहमति बना चुका है। 
  • ऐसा करने से ना केवल भारतीय मुद्रा का प्रचलन वैश्विक हो सकेगा बल्कि रुपये का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने से डॉलर की मांग को कम करने में मदद मिल सकेगी। 
  • इससे भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक मुद्रा की गिरावट से कम प्रभावित हो सकेगी। 
  • 1970 के दशक से ही तेल की खरीद का भुगतान डॉलर में करने की परंपरा चली आ रही है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हाल ही में भारत द्वारा कच्चे तेल का रुपये में पहला भुगतान किस देश को किया गया?

(a) सऊदी अरब

(b) वेनेजुएला 

(c) कतर

(d) संयुक्त अरब अमीरात 

उत्तर- (d)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- रुपये में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार करने से ना केवल भारतीय मुद्रा का प्रचलन वैश्विक हो सकेगा बल्कि रुपये का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने से डॉलर की मांग को कम करने में मदद मिल सकेगी। विवेचना कीजिए।

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