चर्चा में क्यों
हाल ही में वैज्ञानिकों की एक टीम ने अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित नामदफा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य (Namdapha National Park and Tiger Reserve) से एक अत्यंत दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई को रिकॉर्ड किया है। गाइनाकैंथा खासियाका (Gynacantha khasiaca) नामक इस प्रजाति को आमतौर पर लंबी पूंछ वाला डस्कहॉकर (Long-tailed Duskhawker) कहा जाता है।
गाइनाकैंथा खासियाका (Gynacantha khasiaca) के बारे में
इस कीट को 110 वर्ष पहले 1914 में तत्कालीन अबोर पहाड़ियों देखा गया था। इस दुर्लभ नर ड्रैगनफ्लाई को अक्टूबर 2024 में नामदफा राष्ट्रीय उद्यान के भीतर लगभग 600 मीटर की ऊंचाई पर देखा और प्रलेखित (Documented) किया गया।
शारीरिक एवं व्यवहारिक विशेषताएं
- इसकी दो संयुक्त आँखें (Compound Eyes) होती हैं।
- प्रत्येक आँख में हजारों छोटे लेंस और फोटोरिसेप्टर समूह होते हैं, जिसकी बदौलत यह लगभग 360 डिग्री तक देख सकता है।
- यह हवा में एक ही स्थान पर स्थिर रहने (Hovering) और तेजी से दिशा बदलने में सक्षम है।
- गाइनाकैंथा वंश के ये ड्रैगनफ्लाई आकार में बड़े होते हैं और इनका रंग हल्का भूरा तथा हरा होता है।
- ये मुख्य रूप से गोधूलि बेला (Twilight/डस्क) या बादलों वाले दिनों में सक्रिय होते हैं और अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए आक्रामक गश्त (Patrolling) करते हैं।
पारिस्थितिक महत्व
- पारिस्थितिक संकेतक (Ecological Indicators): ये कीट पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण के स्वास्थ्य के उत्कृष्ट संकेतक होते हैं। इनका पाया जाना एक स्वच्छ और समृद्ध जलीय तंत्र को दर्शाता है।
- जलीय खाद्य श्रृंखला की रीढ़: ये जलीय खाद्य श्रृंखला में शिकारी (Predator) और शिकार (Prey) दोनों की दोहरी भूमिका निभाते हैं। ये मच्छरों और उनके लार्वा को खाकर कीट नियंत्रण में मदद करते हैं।
ओडोनाटा विविधता
- वैश्विक स्तर पर: 693 वंशों (Genera) में फैली 6,442 प्रजातियाँ।
- भारत में: 152 वंशों और 18 परिवारों में फैली 504 प्रजातियाँ और 27 उप-प्रजातियाँ।
- अरुणाचल प्रदेश में: कुल 110 प्रजातियाँ पाई जाती हैं (जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है)।
- गाइनाकैंथा वंश: विश्व स्तर पर इसकी 92 प्रजातियां हैं, जिनमें से 30 दक्षिण पूर्व एशिया में और 10 भारत में दर्ज हैं।
वैश्विक और राष्ट्रीय वितरण
- भारत के भीतर: अरुणाचल प्रदेश के अतिरिक्त यह प्रजाति असम, महाराष्ट्र, मेघालय, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के वनों में बिखरी हुई आबादी में पाई जाती है।
- भारत के बाहर: यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे बांग्लादेश, म्यांमार और नेपाल में भी पायी जाती है।
नामदफा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में
- नामदफा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य, हरे-भरे वनस्पतियों और घने, अभेद्य, प्राचीन जंगलों से घिरा वन्य क्षेत्र है। यह 1985.23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
- यह पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के चांगलांग जिले में भारत और म्यांमार (बर्मा) की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है।
- यह विश्व का एकमात्र ऐसा उद्यान है जहाँ बड़ी बिल्ली की चार प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें बाघ (पैंथेरा टाइग्रिस), तेंदुआ (पैंथेरा पार्डस), हिम तेंदुआ (पैंथेरा अनसिया) और क्लाउडेड तेंदुआ (नियोफेलिस नेबुलोसा) शामिल हैं।
- इसे 1983 में सरकार द्वारा बाघ अभयारण्य घोषित किया गया था।