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निर्भय रहो पहल

संदर्भ 

  • हाल ही में ग्रामीण भारत में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर पंचायती राज मंत्रालय ने नई दिल्ली में तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (Training of Trainers - ToT) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।  
  • इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य फोकस महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर था, जो मंत्रालय द्वारा हाल ही में शुरू की गई महत्वाकांक्षी निर्भय रहो पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

निर्भय रहो पहल के बारे में  

  • यह जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण और लैंगिक रूप से संवेदनशील शासन (Gender-Responsive Governance) को बढ़ावा देने वाला एक व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
  • नोडल मंत्रालय: पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार।
  • वित्त पोषण (Funding): इस पहल को केंद्र सरकार के गैर-व्यपगत (Non-Lapsable) निर्भया कोष के माध्यम से वित्तीय सहायता और संरचनात्मक रूप से क्रियान्वित किया जाता है।  
  • मूल विचार: इसका मुख्य लक्ष्य स्थानीय स्वशासनों (ग्राम पंचायतों) को महिलाओं के लिए एक सक्रिय सुरक्षा कवच और सुरक्षित केंद्र के रूप में तब्दील करना है। 

मुख्य उद्देश्य 

  • भेदभाव का अंत: समावेशी, उत्तरदायी और महिला-हितैषी पंचायतों का विकास करके ग्रामीण स्तर पर लिंग आधारित भेदभाव और हिंसा को पूरी तरह समाप्त करना।  
  • नेताओं का सशक्तिकरण: ग्रामीण स्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गहन कानूनी साक्षरता, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण और प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता (First Responder) की क्षमताओं से लैस करना, ताकि ग्रामीण भारत में सुरक्षा और न्याय तक हर महिला की पहुँच सुनिश्चित हो सके। 

पहल की प्रमुख विशेषताएँ   

यह कार्यक्रम बुनियादी ढाँचे, नेतृत्व और सामाजिक मानसिकता में बदलाव लाने के लिए एक विशेष त्रिस्तरीय (3-Tier) ढाँचे पर काम करता है:

  • निर्भय नेत्री (सशक्त महिला नेतृत्व): इसके तहत पंचायत प्रणाली में शामिल लगभग 14.5 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (EWRs) के गहन प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और कानूनी जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें। 
  • निर्भय चेतना (पुरुषों का संवेदीकरण): इसका उद्देश्य देश भर के लगभग 17.5 लाख निर्वाचित पुरुष प्रतिनिधियों को लैंगिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है, ताकि पितृसत्तात्मक पूर्वाग्रहों को दूर कर स्थानीय सुरक्षा अभियानों में पुरुष नेताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।   
  • निर्भय दृष्टि (निगरानी अवसंरचना): इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों के संवेदनशील और रणनीतिक ग्रामीण स्थानों पर सीसीटीवी (CCTV) सुरक्षा कैमरे लगाने के लिए फंड दिया जा रहा है, जिससे तकनीकी रूप से ग्रामीण सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा सके। 

व्यापक प्रभाव और प्रशिक्षण का तरीका 

  • ऐतिहासिक आउटरीच (पहुंच): राष्ट्रीय स्तर पर 32 लाख से अधिक निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य है, जो इसे सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रम बनाता है। 
  • विस्तृत पाठ्यक्रम: इस प्रशिक्षण अभियान में घरेलू हिंसा, बाल विवाह रोकने, साइबर सुरक्षा, पीड़ित मुआवजा योजनाओं और स्थानीय रेफरल रिपोर्टिंग नेटवर्क जैसे बेहद जरूरी कानूनी विषयों को शामिल किया गया है। 
  • कैस्केडिंग मॉडल (क्रमानुसार विस्तार): ज्ञान को जमीनी स्तर तक ट्रांसफर करने के लिए प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (ToT) का एक गतिशील मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर्स अभ्यास-उन्मुख सिमुलेशन, मॉक कोर्ट और रोल-प्ले (अभिनय) जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर तक इस प्रशिक्षण को पहुंचाएंगे।  
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