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संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता

संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्य का दर्जा देने के लिए अल्जीरिया द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर अमेरिका ने वीटो कर दिया। 

संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की वर्तमान स्थिति 

  • यह प्रस्ताव वर्ष 1947 के वादे को पूर्ण करने के प्रयास में एक कदम था। 
    • इस वादे के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मूलत: तत्कालीन फिलिस्तीन को दो भागों अर्थात यहूदी एवं अरब में विभाजित करने वाले प्रस्ताव को अपनाया था। 
  • वर्ष 1949 में केवल इज़राइल ही संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बना। 
  • वर्ष 2012 में फ़िलिस्तीन राज्य को स्थायी पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त हुआ। हालाँकि, इसे अभी तक पूर्ण सदस्य की मान्यता नहीं प्राप्त हुई।
  • अमेरिका का तर्क है कि फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र प्रक्रिया के माध्यम से नहीं बल्कि ‘पक्षों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद’ के माध्यम से सदस्यता प्रदान की जानी चाहिए। 

संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता की प्रक्रिया 

  • किसी भी नए सदस्य देश को शामिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा एवं सुरक्षा परिषद के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है।
  • संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के लिए कोई भी आवेदन संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पास किया जाता है जिसे फिर सुरक्षा परिषद एवं महासभा को भेजा जाता है।
  • नए सदस्यों के प्रवेश पर गठित 15 सदस्यीय समिति इस मामले पर विचार-विमर्श के बाद महासभा में प्रवेश के लिए निर्णय लेती है।

प्रावधान 

  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता अन्य सभी शांतिप्रिय राज्यों के लिए खुली है जो वर्तमान चार्टर में निहित दायित्वों को स्वीकार करते हैं और इन दायित्वों को पूर्ण करने में सक्षम व इच्छुक हैं।
  • सुरक्षा परिषद इस प्रस्ताव पर मतदान कर सकती है और इसके पक्ष में कम-से-कम नौ सदस्य होने चाहिए। 
  • इसके स्थायी सदस्यों, यथा- चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका में से यदि कोई भी सदस्य वीटो शक्ति का प्रयोग करता है तो यह प्रस्ताव ख़ारिज हो जाता है।

महासभा की भूमिका 

  • सुरक्षा परिषद की सिफारिश प्राप्त होने के तुरंत बाद महासभा इस मामले पर मतदान करती है, जिसमें सभी 193 सदस्य देश इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।
  • महासभा को किसी नए सदस्य को स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
  • एक बार एक प्रस्ताव अपनाए जाने के बाद नए सदस्य को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र में शामिल कर लिया जाता है।
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