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मानव-पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली (MANPADS)

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; आतंरिक सुरक्षा, भारतीय सैन्य क्षमता, विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश)

संदर्भ 

भारतीय सेना अपने वायु रक्षा सिद्धांत में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक परिवर्तन कर रही है। सबसोनिक क्रूज मिसाइलों से उत्पन्न होते जा रहे खतरों को ध्यान में रखते हुए सेना अपने मानव-पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणालियों (MANPADS) को नए सिरे से अनुकूलित और उन्नत कर रही है, ताकि निम्न ऊँचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों का प्रभावी रूप से मुकाबला किया जा सके। 

क्या हैं MANPADS

  • MANPADS ऐसी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियाँ हैं जिन्हें एक सैनिक या सीमित संख्या में सैनिकों की टीम द्वारा संचालित किया जा सकता है। 
  • इन्हें प्राय: कंधे से दागी जाने वाली विमान-रोधी मिसाइलें कहा जाता है जो त्वरित तैनाती और उच्च गतिशीलता के लिए जानी जाती हैं। 
  • इन प्रणालियों की लंबाई सामान्यतः दो मीटर से कम होती है और इनका वजन लगभग 20 किलोग्राम के आसपास होता है जिससे इन्हें पैदल सैनिक भी आसानी से ले जा सकते हैं। 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वैश्विक उपयोग 

  • 1960 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ ने पहली बार अपनी सेनाओं को पोर्टेबल वायु रक्षा क्षमताएँ प्रदान करने के उद्देश्य से MANPADS का विकास कर उनकी तैनाती की थी। वस्तुतः अमेरिका ने रेडआई प्रणाली और सोवियत संघ ने स्ट्रेला प्रणाली को सेवा में शामिल किया था।  
  • वर्तमान में विश्व के लगभग 105 देशों की सेनाएँ MANPADS का उपयोग कर रही हैं हालाँकि, भारत सहित केवल 12 देश ही इन प्रणालियों का स्वदेशी उत्पादन करते हैं। 
  • वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक चर्चित MANPADS में अमेरिका का ‘स्टिंगर’, सोवियत संघ का 9K32 स्ट्रेला-2 (SA-7) और चीन का आधुनिक FN-16 शामिल हैं। 

MANPADS तीन मुख्य श्रेणियाँ 

  1. कमांड लाइन-ऑफ-साइट (CLOS): इनमें मिसाइल को ऑपरेटर द्वारा रिमोट कंट्रोल के माध्यम से लक्ष्य की ओर निर्देशित किया जाता है।
  2. लेजर-गाइडेड या लेजर बीम राइडर: ये प्रणालियाँ लक्ष्य पर डाले गए लेजर बीम का अनुसरण करती हैं।
  3. इन्फ्रारेड सीकर (हीट-सीकिंग): सबसे प्रचलित MANPADS इसी श्रेणी के होते हैं जो विमान या मिसाइल के इंजन से निकलने वाली ऊष्मा का पता लगाकर लक्ष्य को टारगेट करते हैं।

MANPADS की प्रमुख संरचनात्मक इकाइयाँ  

  • एक ट्यूब में पैक की गई मिसाइल
  • ग्रिपस्टॉक कहा जाने वाला एक प्रक्षेपण तंत्र 
  • प्रणाली को ऊर्जा प्रदान करने वाली एक बैटरी    
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