New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब

प्रारम्भिक परीक्षा –  केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र –

चर्चा में क्यों 

भारत को ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब (जीसीपीएमएच) बनाने की घोषणा की गई।

india

प्रमुख बिंदु 

  • ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब (जीसीपीएमएच) के  तीसरे संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में हुआ ।
  •  इसका आयोजन रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के द्वारा  किया गया ।
  • इसका उद्देश्य भारत को एक अग्रणी रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है ।
  •  रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग द्वारा  2019 से द्विवार्षिक रूप से ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब (जीसीपीएमएच) शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा  रहा है।
  • हाल ही में टीडीबी (Technology Development Board) द्वारा  रसायनों और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए भारतीय कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किया गया ।

प्रस्ताव का दायरा/क्षेत्र

  • विशेष रसायन होना चाहिए 
  • रासायनिक अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था  
  • हरित रसायन मार्ग का निर्माण  
  • डाउनस्ट्रीम विनिर्माण
  • कृषि रसायनों का निर्माण 
  • तेल एवं गैस में हरित ऊर्जा संक्रमण
  • पॉलिमर उद्योग 
  • रसायन एवं  पेट्रोकेमिकल उद्योग में स्थिरता  (sustainability)

प्रमुख विशेषताएँ 

  • भारतीय कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना 
  • मूल्यांकन का आधार वैज्ञानिक ,प्रौद्योगिकी, वित्तीय और व्यावसायीकरण आदि 
  • फंडिंग ऋण, इक्विटी या  अनुदान के रूप में 

 पात्रता 

  1. भारतीय कंपनियां (कंपनी अधिनियम, 1956/2013 के अनुसार) के अनुसार स्थापित हों,
  2. डीपीआईआईटी(DPIIT)  से मान्यता प्राप्त 

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology development Board) 

  • प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995 के तहत भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है। 
  •  बोर्ड उद्यमों को प्रौद्योगिकी-उन्मुख उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके एक सक्रिय भूमिका निभाता है।
  •  बोर्ड औद्योगिक चिंताओं को इक्विटी पूंजी या ऋण और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

उद्देश्य 

  • छोटे उद्यमों द्वारा  नए विचारों को अपनाने से  होने वाले जोखिम से बचाव 
  • प्रतिस्पर्धी उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना
  • उत्पाद नवाचार के लिए उद्योगों और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को प्रेरित करना
  • सामाजिक रूप से प्रासंगिक और लाभदायक प्रौद्योगिकियों का विकास करना
  • रणनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करना और उन पर कार्य करना
  • भारतीय उद्योग को वैश्विक खिलाड़ी बनने में सक्षम बनाने के लिए मुख्य तकनीकी शक्तियों में निवेश करना 
  • प्रौद्योगिकी विकास और व्यावसायीकरण के लिए टीडीबी का योगदान  अद्वितीय बनाना 
  • यह उद्योग, वैज्ञानिकों, टेक्नोक्रेट और विशेषज्ञों के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाता है
  • उद्यमियों की नई पीढ़ी के निर्माण को सुगम बनाना 
  •  समान प्रौद्योगिकी वित्तपोषण निकायों(similar technology financing bodies) के साथ साझेदारी में सहायता करना 
  • रोजगार के नए अवसर पैदा करना 

प्रश्न : निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995 के तहत भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है। 
  2. ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब का तीसरा  संस्करण  नई दिल्ली में हुआ।

    उपर्युक्त में कितने  कथन सही हैं ?

    (a) केवल कथन 1 

    (b) केवल कथन 2 

    (c) कथन 1 और 2 

    (d) ना ही 1 नहीं 2 

    उत्तर (c)

    मुख्य परीक्षा प्रश्न : भारत को ग्लोबल केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए किए जाने वाले प्रमुख  प्रयासों का उल्लेख कीजिए।

    « »
    • SUN
    • MON
    • TUE
    • WED
    • THU
    • FRI
    • SAT
    Have any Query?

    Our support team will be happy to assist you!

    OR
    X