New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट, 2023 

प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिकी, सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट, 2023
मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन, पेपर-2 

संदर्भ:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सड़क सुरक्षा पर वैश्विक रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क हादसे विश्व में कम हुए किन्तु भारत में बढ़े हैं।

road-safety

विश्व में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े:

  • इन दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप हर साल लगभग 1.19 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है।
  • हर दिन औसत 3200 मौतें दर्ज हुईं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में होने वाली वार्षिक मौतों में 5 प्रतिशत की कमी आई है।
  • इनसे 20 से 50 मिलियन के बीच अधिक लोग गैर-घातक चोटों से पीड़ित होते हैं, जिनमें से कई लोग विकलांगता का शिकार हो जाते हैं। 
  • सड़क दुर्घटनाओं में महिलाओं की तुलना में पुरुषों के मरने की संभावना आमतौर पर 3 गुना अधिक होती है।
  • संयुक्त राष्ट्र के 108 सदस्य देशों में 2010 से 2021 के बीच सड़क परिवहन संबंधी हादसों से मौतों में कमी बताई गई है।
  • दस देशों ने ऐसी मौतों में 50 प्रतिशत से अधिक कमी करने में सफलता पाई है। इनमें शामिल हैं- 
  • बेलारूस, ब्रुनेई दारुसलाम, डेनमार्क, जापान, लिथुआनिया, नार्वे, रूस, त्रिनिदाद व टोबैगो, यूएई और वेनेजुएला 
  • 35 से अधिक देश 30 से 50 प्रतिशत कमी लाने में सफल रहे। 
  • विश्व की 28 प्रतिशत मौतें दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र में हुई हैं।
  • हर 10 में से 9 मौतें निम्न और मध्यम आय वर्ग के देशों में हुईं।
  • इन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में सबसे अधिक 5 साल के बच्चे से लेकर 29 साल के युवा होते हैं।

road-safety-week

सड़क सुरक्षा सप्ताह: 

  • यह हर साल 11 से 17 जनवरी तक मनाया जाता है।
  • इसका उद्देश्य सभी के हित में सुरक्षित सड़कों की आवश्यकता का प्रचार- प्रसार करना है।

भारत में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े:

  •  यहाँ ऐसी मौतों की तादाद बढ़ी है।
  • 2010 में जहां मौतों का आंकड़ा 1.3 लाख था, वह 2018 में बढ़कर 1,50,785 और 2021 में बढ़कर 1,53,792 हो गया।

सड़क दुर्घटनाओं के कारण:

  • औसत गति में वृद्धि सीधे तौर पर दुर्घटना होने की संभावना और दुर्घटना के परिणामों की गंभीरता से संबंधित है।
  • शराब या नशीली पदार्थ के प्रभाव में गाड़ी चलाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
  • ध्यान भटकाने वाले कारक हैं जो खराब ड्राइविंग का कारण बन सकते हैं; जैसे- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल
  • सड़कों का डिज़ाइन उनकी सुरक्षा पर काफी प्रभाव डालता है।
  • असुरक्षित वाहन दुर्घटनाओं का कारक बनते हैं।
  • सड़क दुर्घटना में शामिल लोगों की देखभाल में देरी से जोखिम बढ़ जाता है।
  • यातायात कानूनों का अपर्याप्त प्रवर्तन: जैसे- सीट बेल्ट, हेलमेट, ट्राफिक लाइट नियमों का पालन न होना।

united-nations

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2030 तक सड़क यातायात दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों और चोटों की वैश्विक संख्या को आधा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

आगे की राह: 

  • रिपोर्ट में कहा कि सड़कों पर होने वाले इन जानलेवा हादसों को रोका जा सकता है।
  • सभी देश परिवहन संबंधी नीतियां बनाते समय कारों से अधिक लोगों को प्राथमिकता दें।
  • सरकारें पदयात्रियों, साइकिल चालकों और इन खतरों के अधिक शिकार बनने वालों पर ध्यान दें।
  • प्रभावी कानून प्रवर्तन के लिए  राष्ट्रीय, नगरपालिका और स्थानीय स्तर पर कानूनों को स्थापित किया जाए और पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

प्रश्न:- निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट WHO जारी करता है।  
  2. भारत में सड़क सुरक्षा सप्ताह हर साल 11 से 17 जनवरी को मनाया जाता है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- 

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न 1 और ना ही 2   

उत्तर-   (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न: कारण बताते हुए स्पष्ट करें कि क्यों सड़क हादसे विश्व में कम हुए किन्तु भारत में बढ़े हैं?

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X