हरित हाइड्रोजन प्रमाणन योजना

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने 29 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान हरित हाइड्रोजन प्रमाणन योजना का शुभारंभ किया।

हरित हाइड्रोजन प्रमाणन योजना:

  • हरित हाइड्रोजन प्रमाणन योजना भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • इसके तहत प्रमाणित किया जाएगा कि उत्पादित हाइड्रोजन एक निश्चित सीमा से कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के साथ बनाया गया है।
  • उद्देश्य: 
    • उत्सर्जन तीव्रता के आधार पर सही मायने में हरित हाइड्रोजन को प्रमाणित करना।
    • उत्पादन की प्रक्रिया में पारदर्शिता, पता लगाने की क्षमता और बाजार की विश्वसनीयता को बढ़ावा देना।
    • 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन के भारत के लक्ष्य के साथ संरेखित करना।

हरित हाइड्रोजन:

  • हरित हाइड्रोजन वह हाइड्रोजन गैस है, जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों; जैसे- सौर या पवन ऊर्जा से जल का इलेक्ट्रोलाइसिस करके प्राप्त की जाती है। 
  • इसका उत्पादन पर्यावरण के अनुकूल होता है क्योंकि इसमें ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं होता है।  

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन:

  • राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को भारत सरकार द्वारा  4 जनवरी 2023 को आरंभ किया गया था।
  • इसका उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करना है। 
  • यह मिशन ऊर्जा आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करता है। 
  • इसका संचालन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।

प्रश्न. भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य कितना निर्धारित किया है?

(a) 10 मिलियन मीट्रिक टन

(b) 2 मिलियन मीट्रिक टन

(c) 5 मिलियन मीट्रिक टन

(d) 7 मिलियन मीट्रिक टन

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