New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

मैग्नेटिक रेजोनेंस-गाइडेड फोकस्ड अल्ट्रासाउंड

सर गंगा राम अस्पताल ने मई 2025 में उत्तर भारत में सफलतापूर्वक ‘मैग्नेटिक रेजोनेंस-गाइडेड फोकस्ड अल्ट्रासाउंड (MRgFUS)’ थैलामोटॉमी संपन्न की। 

MRgFUS के बारे में 

  • मैग्नेटिक रेजोनेंस-गाइडेड फोकस्ड अल्ट्रासाउंड (MRgFUS) एसेंशियल ट्रेमर (Essential Tremors: ET) तथा ट्रेमर-प्रधान पार्किंसंस रोग (Tremor-Dominant Parkinson’s Disease: TD-PD) के लिए अत्याधुनिक व चीर-फाड़ रहित उपचार है। 
    • एसेंशियल ट्रेमर (ET) एक तंत्रिका संबंधी स्थिति है जो अनैच्छिक, लयबद्ध कंपन उत्पन्न करती है और प्राय: हाथों को प्रभावित करती है किंतु संभावित रूप से सिर, आवाज़ व पैरों को भी प्रभावित कर सकती है। यह जीवन की गुणवत्ता को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।
  • MRgFUS उच्च तीव्रता वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है जो मस्तिष्क में एक छोटे से क्षेत्र (प्राय: थैलेमस) पर सटीक रूप से केंद्रित होती हैं। 
  • यह गर्म होकर एक लक्षित घाव (Targeted Lesion) बनाती हैं जो कंपन (Tremors)  उत्पन्न करने वाले तंत्रिका सर्किट को बाधित करते हैं। 
  • यह प्रक्रिया MRI स्कैनर द्वारा की जाती हैजिससे वास्तविक समय में इमेजिंग फीडबैक एवं वृद्धिशील समायोजन (Incremental Adjustment) संभव होता है। 
    • वृद्धिशील समायोजन से तात्पर्य उपचार प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक सूक्ष्म एवं क्रमिक परिवर्तन करने से है जिससे वांछित प्रभाव प्राप्त हो और दुष्प्रभावों को टाला जा सके।
  • MRgFUS को ET एवं TD-PD) के लिए FDA द्वारा अनुमोदित किया गया है।
    • यह प्रत्यारोपण या निरंतर रखरखाव के बिना कंपन (Tremors) में तत्काल कमी प्रदान करता है।
  • इसके दुष्प्रभाव में पारंपरिक थैलेमोटॉमी के समान सुन्नता, असंतुलन, हल्का सिरदर्द  आदि शामिल है। 

पारंपरिक सर्जरी की तुलना में लाभ 

आधार

पारंपरिकडीप ब्रेन स्टिमुलेशन /थैलेमोटॉमी

MRgFUS

चीर-फाड़

सर्जिकल ओपनिंग एवं प्रत्यारोपण की आवश्यकता

चीर-फाड़ या स्कल ड्रिलिंग की कोई आवश्यकता नहीं 

प्रत्यारोपण

इलेक्ट्रोड + बैटरी पैक की आवश्यकता

कोई आवश्यकता नहीं 

रियल टाइम टार्गेटिंग

इमेजिंग के साथ-साथ सर्जिकल योजना की आवश्यकता

एम.आर.आई. के माध्यम से

ठीक होने में लगने वाला समय 

अस्पताल में कुछ दिन के लिए भर्ती होना 

उसी दिन या अगले दिन तक अपस्ताल से मुक्त 

समायोजन क्षमता

DBS को समय के साथ पुनः प्रोग्राम किया जा सकता है

अपरिवर्तनीय (लक्षित ऊतक नष्ट हो जाता है)

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X