New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

असम का काजीरंगा बना लुप्तप्राय ‘फिशिंग कैट’ का गढ़: पहले वैज्ञानिक आकलन में चौंकाने वाले नतीजे

चर्चा में क्यों?

असम का काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान अब लुप्तप्राय फिशिंग कैट के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षित आवास के रूप में उभरा है। हाल ही में जारी पहले वैज्ञानिक आकलन में यहां 450 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में 57 अद्वितीय फिशिंग कैट की पहचान की गई है। यह अध्ययन 22 फरवरी 2026 को ‘फिशिंग कैट डे’ के अवसर पर सार्वजनिक किया गया।

fishing-cat

प्रमुख बिन्दु:

  • काजीरंगा में फिशिंग कैट की आबादी का पहला वैज्ञानिक अनुमान
  • 57 अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान - स्वस्थ और प्रजननशील आबादी का संकेत
  • बाघ आकलन के कैमरा-ट्रैप डेटा का अभिनव उपयोग
  • आर्द्रभूमि संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में महत्वपूर्ण निष्कर्ष
  • अनुसूची-I के तहत संरक्षित प्रजाति के लिए सकारात्मक संकेत

अध्ययन कैसे किया गया?

  • काजीरंगा टाइगर रिजर्व के टाइगर सेल ने फिशिंग कैट प्रोजेक्ट की वैज्ञानिक तियासा आध्या के सहयोग से अखिल भारतीय बाघ अनुमान के दौरान लगाए गए कैमरा-ट्रैप की तस्वीरों का विश्लेषण किया। 
  • यद्यपि ये कैमरे मुख्यतः बाघों की निगरानी के लिए लगाए गए थे, लेकिन इनके माध्यम से फिशिंग कैट की भी पहचान संभव हुई।
  • वैज्ञानिकों ने 57 विशिष्ट फिशिंग कैट की पहचान की, जो अभ्यारण्य में व्यापक रूप से वितरित हैं। 
  • विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि अध्ययन आकस्मिक (incidental) डेटा पर आधारित था।

फिशिंग कैट: क्यों है महत्वपूर्ण?

  • फिशिंग कैट उन गिनी-चुनी बिल्ली प्रजातियों में से है जो जलीय शिकार के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हैं। 
  • यह मुख्यतः आर्द्रभूमि, दलदली घासभूमि और नदी-तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
  • वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त
  • आवास विनाश और शिकार से खतरा
  • निचले नदी बेसिन की आर्द्रभूमियों पर निर्भर
  • भारत में इसे Wildlife Protection Act की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

काजीरंगा क्यों है आदर्श आवास?

  • ब्रह्मपुत्र के बाढ़-मैदानों में स्थित काजीरंगा की पारिस्थितिकी फिशिंग कैट के लिए अत्यंत अनुकूल है। 
  • यहां नम जलोढ़ घासभूमि,उथली बील (ऑक्सबो झीलें), दलदली क्षेत्र और बाढ़ से सुरक्षित वन आश्रय मौजूद हैं। 
  • बड़ी संख्या में फिशिंग कैट की उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से स्वस्थ है। 
  • विशेषज्ञ इसे “पारिस्थितिक प्रहरी” मानते हैं, क्योंकि इसकी आबादी में बदलाव आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी में परिवर्तन का संकेत दे सकता है।

फिशिंग कैट के बारे में

Prionailurus-viverrinus

  • फिशिंग कैट (वैज्ञानिक नाम: Prionailurus viverrinus) एक मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है, जो मुख्यतः आर्द्रभूमि, दलदली घासभूमि और नदी-तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है। 
  • यह उन गिनी-चुनी बिल्ली प्रजातियों में से है जो पानी में शिकार करने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हैं।

प्रमुख विशेषताएँ

  • जलीय शिकार में दक्ष - मछली, मेंढक, केकड़े आदि इसका मुख्य भोजन हैं।
  • अर्ध-जलीय अनुकूलन - इसके पंजों में हल्की झिल्ली (webbing) होती है, जो तैरने में मदद करती है।
  • दिखावट - धूसर-भूरे रंग का शरीर, काली धारियाँ और धब्बे।
  • आकार - सामान्य घरेलू बिल्ली से बड़ी, पर तेंदुए से छोटी।

वितरण (Distribution)

  • दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया
  • भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल
  • निचले नदी बेसिन और आर्द्रभूमि क्षेत्र
  • भारत में यह विशेष रूप से गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन, सुंदरबन और असम के आर्द्र क्षेत्रों में पाई जाती है।

संरक्षण स्थिति

  • IUCN रेड लिस्ट: Vulnerable (संकटग्रस्त)
  • IN भारत में Wildlife Protection Act की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित
  • आवास विनाश, आर्द्रभूमि क्षरण और अवैध शिकार से खतरा
  • वियतनाम और जावा जैसे क्षेत्रों में इसके विलुप्त होने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं।

पारिस्थितिक महत्व

  • आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी का संकेतक (Indicator species)
  • मछली और अन्य जलीय जीवों की आबादी संतुलित रखती है
  • स्वस्थ जल-तंत्र (wetland ecosystem) की उपस्थिति का संकेत देती है

व्यापक महत्व

  • जलवायु परिवर्तन, बाढ़ चक्र में बदलाव और मीठे पानी की जैव-विविधता पर बढ़ते दबाव के बीच यह अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। 
  • यह न केवल फिशिंग कैट संरक्षण के लिए आधारभूत आंकड़े प्रदान करता है, बल्कि कम-ज्ञात प्रजातियों के वैज्ञानिक आकलन के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत करता है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

kaziranga-national-park

  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के गोलाघाट और नागांव जिलों में स्थित भारत का विश्वप्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है।
  • यह ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़-मैदानों में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव-विविधता के लिए जाना जाता है।

स्थापना और दर्जा

  • स्थापना: 1905 में संरक्षित क्षेत्र के रूप में
  • 1974 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित
  • 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा
  • 2006 में टाइगर रिजर्व घोषित

प्रमुख विशेषताएँ

  • एक सींग वाले गैंडे का घर
  • काजीरंगा विश्व में एक सींग वाले भारतीय गैंडे की सबसे बड़ी आबादी का निवास स्थान है।
  • बाघ और अन्य वन्यजीव
  • रॉयल बंगाल टाइगर
  • एशियाई हाथी
  • जंगली भैंसा
  • दलदली हिरण (स्वैम्प डियर)
  • काजीरंगा को “बिग फाइव” (गैंडा, बाघ, हाथी, जंगली भैंसा, दलदली हिरण) के लिए प्रसिद्ध माना जाता है।

पारिस्थितिकी (Ecology)

  • नम जलोढ़ घासभूमि
  • दलदली क्षेत्र और बील (ऑक्सबो झीलें)
  • अर्ध-सदाबहार वन
  • ब्रह्मपुत्र की वार्षिक बाढ़, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाती है
  • बाढ़ यहाँ की पारिस्थितिकी का अभिन्न हिस्सा है, जो घासभूमि को पुनर्जीवित करती है, हालांकि इससे वन्यजीवों को अस्थायी खतरा भी होता है।

जैव-विविधता

  • 35 से अधिक स्तनधारी प्रजातियाँ
  • 500 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ
  • अनेक सरीसृप और जलीय जीव
  • हाल ही में यहाँ लुप्तप्राय फिशिंग कैट की भी उल्लेखनीय आबादी दर्ज की गई है, जो इसकी आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी की मजबूती दर्शाती है।

संरक्षण चुनौतियाँ

  • वार्षिक बाढ़
  • अवैध शिकार (विशेषकर गैंडे का)
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष
  • जलवायु परिवर्तन

पर्यटन

  • जीप सफारी और हाथी सफारी
  • नवंबर से अप्रैल तक पर्यटन का सर्वोत्तम समय
  • ईको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र

निष्कर्ष

काजीरंगा की यह उपलब्धि केवल गैंडे और बाघ संरक्षण तक सीमित नहीं है। फिशिंग कैट की स्वस्थ आबादी इस बात का प्रमाण है कि आर्द्रभूमि संरक्षण और वैज्ञानिक निगरानी से संकटग्रस्त प्रजातियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है। काजीरंगा अब वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण का एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR