संदर्भ
हाल ही में भारत सरकार ने अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने के उपायों पर सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर, 2025 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी।
जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति के बारे में
- जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Change) हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है।
- यह समिति, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों (demographic changes) का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।
- यह उच्चस्तरीय समिति अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक रूप से आकलन करेगी, उनके कारणों का विश्लेषण करेगी और उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी।
समिति की प्रस्तावित संरचना और कार्यक्षेत्र (terms of Reference)
- अवैध आप्रवास सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार करना।
- ऐसे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संभावित कारणों का अध्ययन करना, जैसे सीमा पार गतिविधियाँ (अवैध आप्रवास सहित), आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक-पर्यावरणीय कारक।
- इन परिवर्तनों के पीछे अन्तर्निहित कारकों की पहचान करना, जिसमें अवैध आप्रवास, असामान्य बसावट पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं।
- धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करना, विशेष रूप से समान रुझानों से अलग होने पर।
- देश में पहले से ही रहने वाले अवैध आप्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक सुव्यवस्थित और स्थायी परिचालन प्रणाली की सिफारिश करना।
- ऐसे रुझानों की निरंतर निगरानी के लिए सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करना।
- अवैध आप्रवास और परिणामी जनसांख्यिकीय असंतुलन से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढाँचा प्रस्तावित करना।
- समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों, जिनमें अवैध आप्रवास भी शामिल है, से निपटने के लिए किसी अन्य उपाय, जिसे वह उचित समझे, की सिफारिश कर सकती है।
डेमोग्राफी मिशन (जनसांख्यिकी मिशन) के बारे में
- यह एक प्रस्तावित राष्ट्रीय पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों - जैसे प्रजनन दर (fertility), मृत्यु दर, प्रवासन (migration) और जनसंख्या के वितरण की सटीक निगरानी, प्रबंधन और विश्लेषण करना है।
- इसके माध्यम से देश का संतुलित विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सतत विकास (sustainable development) सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रमुख उद्देश्य
- अवैध घुसपैठ को रोकना और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले प्रतिकूल प्रभावों से उनकी रक्षा करना।
- सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास के संकेतकों को एक साथ जोड़कर भारत की जनसंख्या गतिशीलता (population dynamics) की व्यापक व गहरी समझ विकसित करना।
- समावेशी शासन और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (evidence-based policymaking) के लिए एक सुदृढ़ जनसांख्यिकीय खुफिया प्रणाली (demographic intelligence system) तैयार करना।
मुख्य विशेषताएं
- जनसांख्यिकी के सटीक मूल्यांकन और प्रवासन (माइग्रेशन) के सुचारू प्रबंधन के लिए एक उच्च-अधिकार प्राप्त राष्ट्रीय आयोग (high-powered national commission) की स्थापना की जाएगी।
- वास्तविक समय (real-time) में जनसंख्या की निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स, सैटेलाइट मैपिंग और डिजिटल जनगणना जैसी तकनीकों को अपनाया जाएगा।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल-विकास, वृद्धों की देखभाल (ageing) और गतिशीलता (mobility) को मानव क्षमता के मुख्य पैमानों के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी।
- देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाओं (socio-economic planning) को सीमा सुरक्षा की चिंताओं के साथ जोड़कर तैयार किया जाएगा।