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मधुमेह नियंत्रण के लिये दिशा-निर्देश 

(प्रारंभिक परीक्षा-  सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 : स्वास्थ्य तथा मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र)

संदर्भ 

हाल ही में, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद-इंडिया डायबिटीज़ (ICMR-INDIAB) ने मुख्य पोषक तत्वों के उपभोग पैटर्न के विस्तृत अध्ययन के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की है।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु 

  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-इंडिया डायबिटीज़ की रिपोर्ट के अनुसार
    कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार (जैसे- चावल, रोटी आदि) में कमी और प्रोटीन के सेवन में वृद्धि से प्री-डायबिटिक और टाइप-2 मधुमेह पर नियंत्रण किया जा सकता है एवं इसको सही भी किया जा सकता है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट की खपत को दैनिक ऊर्जा की खपत का लगभग 50-55% तक कम करके प्रोटीन उपभोग की मात्रा को 20% तक बढ़ा दिया जाना चाहिये।

संतुलित आहार एवं

आहार विविधता की आवश्यकता

diabetes

  • भारत में प्राय: कुल कैलोरी सेवन का लगभग 60 से 75% तक कार्बोहाइड्रेट और केवल 10% प्रोटीन होता है। कई अध्ययनों से यह प्रमाणित होता है कि सफेद चावल के अत्यधिक सेवन से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। 
  • नव-निदान किये गए मधुमेह से निपटने के लिये इष्टतम पोषण में कुल ऊर्जा खपत का कार्बोहाइड्रेट 49 से 54%, प्रोटीन 19 से 20%, वसा 21 से 26% और खाद्य फाइबर 5 से 6% को शामिल करने की आवश्यकता है। 
  • समान परिणाम प्राप्त करने के लिये पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कार्बोहाइड्रेट खपत में लगभग 2% अधिक कटौती करने की आवश्यकता है। 
  • इसी प्रकार, वृद्ध व्यक्तियों को कार्बोहाइड्रेट की खपत में 1% अधिक कटौती करने और युवाओं की तुलना में प्रोटीन की खपत को 1% अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है।

मधुमेह (Diabetes)

  • अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाओं द्वारा रक्त शर्करा (Blood Sugar) स्तर की तुलना में अपर्याप्त मात्र में इंसुलिन (Insulin) स्राव को मधुमेह कहते हैं।
  • इंसुलिन नामक हार्मोन की कमी या इसकी कार्यक्षमता में कमी आने से डायबिटीज़ मेलिटस (Diabetes Mellitus) होता है। रक्त शर्करा से संबंधित बीमारियों के समूह को डायबिटीज़ मेलिटस कहते हैं। 
  • डायबिटीज़ मेलिटस के प्रकार- 
    • टाइप 1 डायबिटीज़ (चाइल्डहुड डायबिटीज़)
    • टाइप 2 डायबिटीज़
    • गर्भावधिक डायबिटीज़ (Gestational Diabetes)
    • प्री-डायबिटीज़ (Pre-Diabetes)

भारत में मधुमेह 

  • वर्तमान में भारत में लगभग 74 मिलियन लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं और अन्य 80 मिलियन लोग प्री-डायबिटिक हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में प्री-डायबिटीज़ व्यक्तियों के मधुमेह के रोगी बनने की दर बहुत तीव्र है। 
  • एक अनुमान के अनुसार भारत में वर्ष 2045 तक 135 मिलियन मधुमेह रोगी होंगे और इसका मुख्य कारण भारतीय आबादी द्वारा विभिन्न स्रोतों से अत्यधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का उपभोग है।

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic Ketoacidosis)

यह एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है, जिसमें शरीर में कीटोन्स की सांद्रता उच्च हो जाती है। कीटोन्स अणु का निर्माण तब होता है, जब शरीर ऊर्जा के लिये ग्लूकोज का अवशोषण करने में सक्षम नहीं होता है और इसके बजाए वसा को तोड़ना शुरू कर देता है।

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