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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा

संदर्भ 

  • हाल ही में भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को खरीदने पर अधिकतम आयु प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है।
  • इसके माध्यम से IRDAI अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक अधिक समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना चाहता है।

बीमा कवरेज की स्थिति

  • इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के केवल 20% से अधिक लोग ही किसी ना किसी तरह के स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत आते हैं।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग महिलाओं (16.9%) की तुलना में बुजुर्ग पुरुषों (19.7%) में कवरेज अधिक है और स्वास्थ्य बीमा कवरेज में ग्रामीण-शहरी विभाजन ज्यादा नहीं है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्वास्थ्य व्यय में अपनी जेब से किया जाने वाला व्यय 70% से अधिक है, जिसमें वृद्ध आबादी से संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं पर किया जाने वाला व्यय अग्रणी है।
  • इंडिया एजिंग रिपोर्ट में पाया गया कि बुजुर्गों में कवरेज की कमी का मुख्य कारण कम जागरूकता (52.9%) और गैर-सामर्थ्य (21.6%) है।

संशोधित दिशानिर्देश 

  • पिछले दिशानिर्देशों के अनुसार, केवल 65 वर्ष की आयु तक के व्यक्तियों को ही नई बीमा पॉलिसी खरीदने की अनुमति थी। 
  • हालिया संशोधन के बाद, जो 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी हो गया है, उम्र की परवाह किए बिना कोई भी व्यक्ति नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए पात्र है।
  • लाभ : 
    • अधिक लोग स्वास्थ्य बीमा प्राप्त कर सकते हैं और अप्रत्याशित चिकित्सा बिलों से आर्थिक रूप से सुरक्षित हो सकते हैं।
    • IRDAI अधिसूचना के अनुसार, बीमाकर्ताओं को पॉलिसीधारकों की सुविधा के लिए किश्तों में प्रीमियम भुगतान की पेशकश करने की अनुमति है।
    • आयुर्वेद या योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के तहत उपचार को बिना किसी सीमा के बीमा राशि तक कवरेज मिलेगा।
    • यदि किसी व्यक्ति के पास ऐसी पॉलिसी है जो लाभ (जैसे अस्पताल में भर्ती) को कवर करती है, तो वह व्यक्ति एक ही बीमारी के लिए विभिन्न बीमा कंपनियों के साथ दावा कर सकता है, जिससे उसको अधिक विकल्प मिलेंगे।
    • वरिष्ठ नागरिकों के पास अपनी शिकायतों और दावों के समाधान के लिए एक विशेष चैनल होगा, जिससे तेज व बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।

                                                                 भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI)

  • भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI), बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है।
  • प्राधिकरण की शक्तियां और कार्य IRDAI अधिनियम, 1999 और बीमा अधिनियम, 1938 में निर्धारित किए गए हैं।
  • उद्देश्य: IRDAI के प्रमुख उद्देश्यों में बीमा बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना शामिल है ताकि बीमा बाजार की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं के सर्वोत्तम हितों की रक्षा हो सके।  
  • सदस्य: अध्यक्ष; पांच पूर्णकालिक सदस्य और  चार अंशकालिक सदस्य (भारत सरकार द्वारा नियुक्त)। 
  • मुख्यालय: हैदराबाद (क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली और मुंबई में हैं)।
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