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ब्रिक्स फोरम ए.आई. लाभों के समान बंटवारे की मांग

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

संदर्भ

ब्रिक्स मीडिया एवं थिंक टैंक फोरम, 2024 का आयोजन ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में किया गया, जहाँ सदस्य देशों (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका व नए सदस्य) के प्रमुख प्रतिनिधियों ने समावेशी और समतापूर्ण वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शासन, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ को सशक्त बनाने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रमुख निष्कर्ष 

  • बहुध्रुवीय ए.आई. शासन की माँग : फोरम ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि वर्तमान वैश्विक ए.आई. नियमों पर कुछ पश्चिमी शक्तियों का प्रभुत्व है जो ग्लोबल साउथ की विकासात्मक आवश्यकताओं एवं नैतिक चिंताओं की अनदेखी करते हैं।
  • ए.आई. में ग्लोबल साउथ की आवाज़ : प्रतिभागियों ने निष्पक्षता, समावेशिता एवं सांस्कृतिक विविधता सुनिश्चित करने के लिए ए.आई. मानकों, डाटा संप्रभुता व ज़िम्मेदार नवाचार को आकार देने में विकासशील देशों की अधिक भूमिका का आह्वान किया।
  • विकास के लिए ए.आई. : फोरम ने ग्लोबल साउथ में गरीबी, असमानता व शिक्षा अंतराल दूर करने तथा कृषि आधुनिकीकरण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन के लिए ए.आई. के उपयोग पर ज़ोर दिया।
  • मीडिया एवं थिंक टैंक की भूमिका : मीडिया संस्थानों और नीति थिंक टैंकों से पश्चिमी तकनीक-केंद्रित नैरेटिव का मुकाबला करने, दक्षिण-दक्षिण ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देने और नैतिक ए.आई. संवादों का निर्माण करने का आग्रह किया गया।
  • ब्राज़ील का मुख्य संदेश : मेजबान के रूप में, ब्राज़ील ने डिजिटल तकनीकों के लोकतंत्रीकरण और तकनीकी संप्रभुता के लिए ब्रिक्स+ देशों के बीच सहयोग को मज़बूत करने के महत्त्व पर ज़ोर दिया।

भारत के लिए निहितार्थ 

  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल : आधार, यू.पी.आई. जैसी स्केलेबल डिजिटल प्रणालियों में भारत की सफलता इसे विकासशील देशों में नैतिक ए.आई. अपनाने के लिए एक आदर्श के रूप में स्थापित करती है।
  • डिजिटल संप्रभुता की वकालत : भारत ने जी-20, ए.आई. पर वैश्विक भागीदारी और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर विकेंद्रीकृत और समावेशी ए.आई. शासन का लगातार समर्थन किया है।
  • रणनीतिक ब्रिक्स जुड़ाव : ऐसे मंचों में भागीदारी उभरते तकनीकी नियमों और बहुध्रुवीय डिजिटल कूटनीति को आकार देने में भारत के नेतृत्व को बढ़ावा देती है।

निष्कर्ष

ब्रिक्स मीडिया और थिंक टैंक फोरम द्वारा वैश्विक ए.आई. शासन में वैश्विक दक्षिण की सार्थक भागीदारी पर ज़ोर देना डिजिटल उपनिवेशवाद के विरुद्ध एक प्रतिरोध का प्रतीक है और संतुलित, मानव-केंद्रित ए.आई. नीतियाँ बनाने का प्रयास करता है।

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