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होक्स जीन

चर्चा में क्यों

हाल ही में, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कृत्रिम होक्स जीन का निर्माण किया है। 

प्रमुख बिंदु 

  • ये जीन स्टेम कोशिकाओं में सिंथेटिक डी.एन.ए. तकनीक और जीनोमिक इंजीनियरिंग का उपयोग करके कोशिकाओं को ऊतकों या अंगों में विकसित करने की योजना बनाने एवं निर्देशित करने में सहायक होंगे।
  • कृत्रिम डीएनए और कृत्रिम हॉक्स जीन का निर्माण करके पशु विकास और मानव रोगों पर भविष्य के अनुसंधान का मार्ग प्रशस्त किया जा सकेगा।

क्या है होक्स जीन 

  • मनुष्यों से लेकर सभी सभी जानवरों में एक अग्र-पश्च अक्ष (Anterior-Posterior Axis) होता है। यह एक रेखा है जो सिर से लेकर शरीर के निचले हिस्से तक जाती है।
  • गर्भावधि चरण में होक्स जीन आर्किटेक्ट के रूप में कार्य करते हैं और निर्देशित करते हैं कि कोशिकाएं अक्ष के साथ कहाँ और शरीर में कौन से अंग बनाएँ। 
  • ये जीन सुनिश्चित करते हैं कि शरीर में अंग और ऊतक सही स्थान पर विकसित हों।
  • यदि हॉक्स जीन गलत नियमन या उत्परिवर्तन के माध्यम से विफल हो जाते हैं, तो कोशिकाएँ नष्ट हो सकती हैं, परिणामस्वरुप केंसर, जन्म दोष एवं गर्भपात आदि घटनाएँ घटित हो सकती हैं।
  • विदित है कि शरीर विज्ञान में महत्त्वपूर्ण स्थान रखने के बावजूद सामान्य जीन की तुलना में होक्स जीन का अध्ययन बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण है।
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