New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

मानव-वन्यजीव संघर्ष

संदर्भ

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति (The Standing Committee of National Board of Wildlife) ने हाल ही में,  देश में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife conflict)  के प्रबंधन हेतु परामर्श को मंज़ूरी दी है।

प्रमुख बातें

  • परामर्श में राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के लिये ऐसे विशेष उपाय सुझाए गए हैं, जिनसे मानव एवं वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएँ कम होंगी और विभागों के बीच समन्वय स्थापित होगा तथा प्रभावी कार्रवाई में तेज़ी आएगी।
  • इस परामर्श में वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम, 1972 के खण्ड 11 (1) (B) के अनुसार, संकटग्रस्त वन्य जीवों से निपटने में ग्राम पंचायतों को मज़बूत बनाने की परिकल्पना की गई है।
  • मानव एवं वन्यजीव संघर्ष के कारण होने वाले फसलों के नुकसान के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति और वन्य क्षेत्रों के भीतर चारे तथा पानी के स्रोतों को बढ़ाना जैसे कुछ महत्त्वपूर्ण कदम उठाने की भी बात की गई।
  • यह भी सुझाव दिया गया है कि इस प्रकार के किसी भी संघर्ष की स्थिति में पीड़ित परिवार को अंतरिम राहत के रूप में अनुग्रह राशि का भुगतान 24 घंटे की अंदर किया जाए।
  • विदित है राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड का गठन केंद्र सरकार द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (WLPA) की धारा 5 (A) के तहत किया गया है।
  • राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति कई स्तरों पर जाँच के बाद प्रस्तावों पर विचार करती है और इसमें राज्य के मुख्य वन्यजीव वार्डन, राज्य सरकार और राज्य वन्यजीव बोर्ड की सिफारिशें शामिल होती हैं।
  • राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति की बैठकों के दौरान, निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सदस्यों के विचारों पर भी पूर्ण रूप से ध्यान दिया जाता है।
  • बैठक में राजस्थान और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक मध्यम आकार की जंगली बिल्ली ‘कैराकल’ को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ‘वन्यजीव निवास स्थलों का विकास’ योजना के तहत संरक्षण देने के उपायों में तेज़ी लाने पर भी ज़ोर दिया गया।
  • कैराकल को लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में शामिल किया जाएगा। ध्यातव्य है कि लुप्तप्राय प्रजातियों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत अब तक 22 वन्यजीव प्रजातियों को सूची में शामिल किया गया है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X