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माउंट एवेरस्ट की ऊँचाई में वृद्धि

प्रमुख बिंदु

  • हाल ही में, नेपाल और चीन के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त रूप से माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई को समुद्र तल से 8,848.86 मीटर की ऊँचाई पर प्रमाणित किया।
  • नई ऊँचाई वर्ष 1954 में मान्यता प्राप्त ऊँचाई की तुलना में 86 सेमी. अधिक है। इस प्रकार नई ऊँचाई नेपाल के पिछले दावे से लगभग 3 फीट अधिक है।

पूर्व में मापन

  • वर्ष 1954 में इसकी ऊँचाई भारतीय सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित की गई थी, जिसमें थियोडोलाइट्स और चेन जैसे उपकरणों का उपयोग किया गया था।
  • विदित है कि थियोडोलाइट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर तलों में निर्दिष्ट दृश्य बिंदुओं के बीच कोणों को मापने के लिये एक सटीक ऑप्टिकल उपकरण है।
  • चीन को छोड़कर विश्व में सभी संदर्भों में माउंट एवरेस्ट की 8,848 मीटर की ऊंचाई को स्वीकार किया गया। ध्यातव्य है कि माउंट एवरेस्ट नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित है।

वर्तमान में मापन की आवश्यकता

  • अप्रैल 2015 के विनाशकारी भूकम्प ने वैज्ञानिकों के बीच पहाड़ की ऊँचाई प्रभावित होने को लेकर बहस छेड़ दी है।
  • साथ ही, कई वर्षों से इस बात पर भी बहस हुई है कि क्या केवल चट्टान की ऊँचाई की गणना होनी चाहिये या बर्फ के आवरण को भी इसमें शामिल किया जाए।
  • बाद में नेपाल सरकार ने घोषणा की कि वह वर्ष 1954 के निष्कर्षों को मानने की बजाय स्वयं इस पहाड़ का मापन करेगी।
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