New
Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM Civil Services Day Offer - Valid Till : 23rd April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM

भारत में आधे से अधिक उप-जिलों में वर्षा की मात्रा में वृद्धि 

प्रारम्भिक परीक्षा – भारतीय मानसून
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 1 (भारतीय मानसून)

संदर्भ

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के द्वारा तहसील स्तर पर पहली बार वर्षा की मात्रा पर  अध्ययन किया गया है।

rainfall

प्रमुख बिंदु :-

  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा वर्ष 1982 से 2022 के उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले मौसम संबंधी डेटा का अध्ययन किया गया है।
  • इस अध्ययन के अनुसार, भारत की 4,400 से अधिक तहसीलों या उप-जिलों में से आधे से अधिक में वर्षा की मात्रा में वृद्धि हुई है। 
  • इस डेटा के आधार पर 55% तहसीलों में वर्षा में वृद्धि देखी गई है। 
  • लगभग 11% तहसीलों में वर्षा में गिरावट देखा गया है।
  • वर्षा में गिरावट बड़े पैमाने पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान हुई। 
  • कम वर्षा का अनुभव करने वाली तहसीलों में से लगभग 68% में जून से सितंबर तक सभी मानसून महीनों में कम वर्षा देखी गई। 
  • इनमें से अधिकांश तहसीलें सिन्धु-गंगा के मैदान वाले क्षेत्र में स्थित हैं। 
  • भारतीय तहसीलों में लगभग 64% वर्षा की वृद्धि हुई है।
  • पूर्वोत्तर मानसूनी वर्षा, जो मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय भारत में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के दौरान होती है।
  • पूर्वोत्तर मानसूनी वर्षा से लगभग 80% तहसीलों में क्रमश तमिलनाडु में 44%, तेलंगाना में 44% और आंध्र प्रदेश में पिछले दशक (2012-2022) में 10% से अधिक की वृद्धि हुई है। 

जिला-स्तरीय वर्षा :-

district-level-rainfall

  1. भारत में पिछले 4 दशकों के दौरान सामूहिक रूप से 29 जिलों में सामान्य; 
  2. 8 जिलों में सामान्य से अधिक; 
  3. 3 जिलों में सामान्य से कम मानसून वर्षा हुई है। 
  • जिला स्तर पर भारत के 30% जिलों में कई वर्षों तक कम वर्षा हुई तथा  38% जिलों में कई वर्षों तक अत्यधिक वर्षा हुई। 
  • 4 दशकों में वर्षा पर किये गए अध्ययन के आधार पर नई दिल्ली, बेंगलुरु, नीलगिरी, जयपुर, कच्छ और इंदौर सहित 23 जिलों में अलग-अलग समय में कम और अत्यधिक वर्षा का अनुभव किया गया। 

निष्कर्ष :-

  • भविष्य में बढ़ती अनियमित वर्षा पैटर्न के खिलाफ अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण होगा। मानसून हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन, पीने वाले पानी और हमारे ऊर्जा परिवर्तन पर भी प्रभाव डालता है।

मानसून :-

  • मानसून शब्द की व्युत्पत्ति अरबी शब्द 'मौसिम' से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ मौसम है।
  • मानसून का अर्थ, एक वर्ष के दौरान वायु की दिशा में ऋतु के अनुसार परिवर्तन है।
  • भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है। 
  • एशिया में इस प्रकार की जलवायु मुख्यतः दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व में पाई जाती है। 

भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक :- 

  • भारतीय जलवायु को प्रभावित करने छः प्रमुख कारक हैं:- अक्षांश, तुंगता (ऊँचाई), वायु दाब एवं पवन तंत्र, समुद्र से दूरी, महासागरीय धाराएँ तथा उच्चावच लक्षण।
  • भारत की जलवायु पर दो मौसमी हवाओं का प्रभाव रहता है - उत्तर-पूर्वी मानसून और दक्षिण-पश्चिमी मानसून।

दक्षिण-पश्चिम मानसून:-

  • ग्रीष्म ऋतु में, आंतरिक एशिया एवं उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। 
  • इसके कारण गर्मी के दिनों में वायु की दिशा पूरी तरह से परिवर्तित हो जाती है।
  • वायु दक्षिण में स्थित हिंद महासागर के उच्च दाब वाले क्षेत्र से दक्षिण-पूर्वी दिशा में प्रवाहित होते हुए, भारतीय उपमहाद्वीप में स्थित निम्न दाब की ओर बहने लगती हैं। 
  • इन्ही हवाओं को दक्षिण-पश्चिम मानसून पवनों के नाम से जाना जाता है।
  • ये पवनें कोष्ण/गर्म महासागरों के ऊपर से बहती हैं, नमी ग्रहण करती हैं तथा भारत की मुख्य भूमि पर वर्षा करती हैं।

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति :-

  • भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 76% दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण होता है, जबकि लगभग 11% उत्तर-पूर्वी मानसून से आता है।

उत्तर-पूर्वी मानसून:-

  • उत्तर-पूर्वी मानसून का नामकरण इसके उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम की ओर जाने के कारण किया गया है।
  • दक्षिण-पश्चिम मानसून की तरह, उत्तर-पूर्वी मानसून भी मध्य प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के पानी के गर्म होने और ठंडा होने से प्रभावित होता है। 

पश्चिमी विक्षोभ:-

  • भारत में, ये जेट धाराएँ ग्रीष्म ऋतु को छोड़कर पूरे वर्ष हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित हाती हैं। 
  • इस पश्चिमी प्रवाह के द्वारा देश के उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ आते हैं, जिन्हें पश्चिमी विक्षोभ  कहा जाता है। 

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाले करक के संदर्भ में, निम्नलिखित जनजातियों पर विचार कीजिए: 

  1. अक्षांश एवं ऊँचाई
  2. वायु दाब एवं पवन तंत्र
  3. समुद्र से दूरी एवं महासागरीय धाराएँ

उपर्युक्त में से कितनें कारक भारतीय मानसून को प्रभावित करते हैं ?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी  तीन

(d) कोई भी नहीं 

उत्तर - (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- मानसून क्या है ? भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले दक्षिण-पश्चिमी मानसून और उत्तर-पूर्वी मानसून की विवेचना कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR