भारत आधिकारिक तौर पर मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (MALE RPAS) या यूरोड्रोन कार्यक्रम में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हो गया है।
यूरोड्रोन:
यह एक मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) है।
इसे मुख्य रूप से यूरोपीय रक्षा और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
यह एक ड्रोन आधारित निगरानी और टोही (ISR) प्रणाली है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) से अधिक उन्नत क्षमताएँ प्रदान करना है।
यूरोड्रोन कार्यक्रम:
यह कार्यक्रम यूरोप के चार प्रमुख देशों- जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की एक संयुक्त पहल है।
यूरोड्रोन का नेतृत्व एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (जर्मनी) द्वारा किया जाता है।
इसके प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:
लियोनार्डो (इटली)
डसॉल्ट एविएशन (फ्रांस)
एयरबस (स्पेन)
कार्यक्रम का प्रबंधन संयुक्त आयुध सहयोग संगठन (OCCAR) द्वारा किया जाता है।
भारत की भागीदारी:
भारत ने अगस्त 2024 में यूरोड्रोन कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक अनुरोध किया था।
भारत अब इस कार्यक्रम का पर्यवेक्षक देश बन गया है, जिससे उसे यूरोड्रोन की तकनीकी और परिचालनगत प्रगति पर नजर रखने का अवसर मिलेगा।
भारत की इस भागीदारी से रक्षा तकनीक, ड्रोन विकास, और यूरोपीय देशों के साथ सैन्य सहयोग को मजबूती मिलेगी।
यह भारत के स्वदेशी ड्रोन और एयरोस्पेस उद्योग को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद कर सकता है।
अन्य पर्यवेक्षक देश
जापान नवंबर 2023 में यूरोड्रोन कार्यक्रम में पहला आधिकारिक OCCAR पर्यवेक्षक देश बना।
प्रश्न. यूरोड्रोन कार्यक्रम किन देशों की संयुक्त पहल है?