New
Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना

हाल ही में, भारतीय प्रधानमंत्री ने 120 मेगावाट क्षमता वाली लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना के बारे में 

  • लोअर कोपिली परियोजना रन-ऑफ-द-रिवर (Run-of-River) प्रकार की जलविद्युत परियोजना है जिसकी कुल स्थापित क्षमता 120 मेगावाट है। इसे कोपिली नदी के नदी बेसिन पर विकसित किया गया है।
  • यह परियोजना असम के मध्य क्षेत्र में स्थित पश्चिम कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ स्वायत्त जिला परिषद (ADC) क्षेत्रों में स्थापित की गई है।
  • इस परियोजना का विकास व संचालन असम पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (APGCL) द्वारा किया जा रहा है।
  • इसके निर्माण के लिए वित्तीय सहायता एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा उसके असम विद्युत क्षेत्र निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान की गई है। 

कोपिली नदी से जुड़े प्रमुख तथ्य  

  • कोपिली नदी  पूर्वोत्तर भारत की एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी है जो मेघालय एवं असम से होकर प्रवाहित होती है।
  • यह ब्रह्मपुत्र नदी  की दक्षिणी तट की सबसे बड़ी सहायक नदी मानी जाती है।
  • इस नदी का उद्गम मेघालय के पठार से होता है। इसके बाद यह कार्बी आंगलोंग जिला और नागांव जिला से गुजरते हुए अंततः ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है।
  • कोपिली नदी की कुल लंबाई लगभग 256 किलोमीटर है।
  • इसमें से लगभग 78 किलोमीटर का हिस्सा मेघालय और असम की अंतर्राज्यीय सीमा बनाता है जबकि शेष 178 किलोमीटर नदी असम राज्य के भीतर बहती है। 

एशियाई विकास बैंक के बारे में  

  • ए.डी.बी. एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं लचीले विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख बहुपक्षीय विकास बैंक है। 
  • अपने सदस्यों और साझेदारों के साथ मिलकर जटिल चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम करते हुए ए.डी.बी. नवीन वित्तीय साधनों और रणनीतिक साझेदारियों का उपयोग करके लोगों के जीवन को बेहतर बनाने, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा तैयार करने तथा पृथ्वी की रक्षा करने का काम करता है। 
  • वर्ष 1966 में स्थापित ए.डी.बी. के 69 सदस्य हैं जिनमें से 50 इसी क्षेत्र से हैं। 1966 में अपनी स्थापना के समय 31 सदस्यों से ए.डी.बी. का विस्तार होकर 69 सदस्य हो गए हैं। इनमें से 50 एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के भीतर से और 19 बाहर से हैं।

ए.डी.बी. वार्षिक रिपोर्ट 2024 

ए.डी.बी. ने वर्ष 2024 में अपने स्वयं के संसाधनों से 24.3 बिलियन डॉलर और अपने भागीदारों के सहयोग से 14.9 बिलियन डॉलर की सह-वित्तपोषण राशि देने का वादा किया, ताकि एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को विकास से जुड़ी कई जटिल चुनौतियों को हल करने में मदद मिल सके। 

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR