केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (Central Adoption Resource Authority – CARA) भारत में दत्तक ग्रहण (Adoption) की प्रक्रिया को नियंत्रित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने वाली सर्वोच्च संस्था है। हाल ही में CARA ने दत्तक ग्रहण प्रक्रियाओं को और मजबूत करने, अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बच्चों की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने हेतु राष्ट्रव्यापी निर्देश जारी किए हैं, जो बाल अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण – CARA क्या है?
CARA भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जो देश में गोद लेने की प्रक्रिया को विनियमित करता है।
- इसे किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 68 के तहत वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।
- यह संस्था अनाथ, परित्यक्त और समर्पित (Surrendered) बच्चों के पुनर्वास हेतु दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया संचालित करती है।
- इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
CARA का उद्देश्य
CARA का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि :
- प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और स्थायी परिवार मिले
- दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी, नैतिक और कानूनी हो
- बच्चों के अधिकारों और पहचान की रक्षा हो
- अवैध या मानव तस्करी जैसी गतिविधियों को रोका जा सके
अंतरराष्ट्रीय भूमिका
CARA को भारत सरकार द्वारा अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण (Inter-country Adoption) के लिए केंद्रीय प्राधिकरण नामित किया गया है।
- यह हेग कन्वेंशन, 1993 (Hague Convention on Inter-country Adoption) के प्रावधानों के अनुसार कार्य करता है
- भारत ने इस कन्वेंशन को 2003 में अनुमोदित किया
- इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय गोद लेने में बच्चों के हितों की रक्षा करना और अवैध गोद लेने की रोकथाम करना है
CARA के प्रमुख कार्य
(A) घरेलू दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देना
- भारत के भीतर गोद लेने को प्राथमिकता देना
- राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रक्रिया को सरल बनाना
(B) अंतर-राज्यीय दत्तक ग्रहण
- एक राज्य से दूसरे राज्य में गोद लेने की प्रक्रिया को सुगम बनाना
(C) अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण का विनियमन
- विदेशी अभिभावकों द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करना
- बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
(D) नियम एवं दिशा-निर्देश बनाना
- समय-समय पर दत्तक ग्रहण से संबंधित नियम, गाइडलाइन और SOP जारी करना
(E) हेग कन्वेंशन के तहत कार्य
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और संरक्षण सुनिश्चित करना
(F) निगरानी और विनियमन
CARA निम्न संस्थाओं की निगरानी करता है :
- SARA (State Adoption Resource Agency)
- SAA (Specialized Adoption Agency)
- AFAA (Authorized Foreign Adoption Agency)
- CWC (Child Welfare Committee)
- DCPU (District Child Protection Unit)
हाल के निर्देश (Recent Developments)
हाल ही में CARA द्वारा जारी निर्देशों के प्रमुख बिंदु :
- दत्तक ग्रहण अभिलेखों की सुरक्षा को सख्ती से लागू करना
- बच्चों की पहचान (Identity) को गोपनीय रखना
- डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम को मजबूत करना
- गोद लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
- सभी एजेंसियों के लिए मानकीकृत दिशा-निर्देश (Standard Guidelines) लागू करना
महत्व (Significance)
CARA की भूमिका भारत में बाल संरक्षण प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है :
- बच्चों को परिवार आधारित देखभाल (Family-based care) प्रदान करता है
- संस्थागत देखभाल (Orphanages) पर निर्भरता कम करता है
- बाल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है
- दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को कानूनी और पारदर्शी बनाता है
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीयता बढ़ाता है
चुनौतियाँ
हालाँकि CARA ने काफी प्रगति की है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं :
- गोद लेने की प्रक्रिया में समय अधिक लगना
- जागरूकता की कमी
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Special Needs Children) को गोद लेने में कम रुचि
- विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समस्या