हाल ही में, इसरो (ISRO) ने बताया कि IRNSS-1F उपग्रह का एटॉमिक क्लॉक फेल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप NavIC उपग्रह समूह में काम करने वाले पोजिशनिंग उपग्रहों की संख्या कम हो गई है।
क्या है एटॉमिक क्लॉक
- एटॉमिक क्लॉक एक अत्यंत सटीक समय मापन यंत्र है जो समय की माप के लिए परमाणुओं (अधिकतर रुबिडियम या सीज़ियम) की कंपन दर का उपयोग करता है।
- नेविगेशन उपग्रहों में यह बेहद जरूरी है क्योंकि एक बिलियनवें सेकंड की गलती भी जमीन पर कई मीटर की स्थिति में अंतर पैदा कर सकती है।
कार्यप्रणाली
- एटॉमिक रेज़ोनेंस (Atomic Resonance): क्लॉक परमाणु के भीतर इलेक्ट्रॉनों द्वारा ऊर्जा स्तर बदलने पर उत्सर्जित या अवशोषित विद्युतचुंबकीय तरंग की सटीक आवृत्ति को मापता है।
- अल्ट्रा-स्टेबिलिटी (Ultra-Stability): यांत्रिक या क्वार्ट्ज घड़ियों के विपरीत परमाणु स्थिर दर से कंपन करते हैं जिससे समय में विचलन नहीं होता है।
- टाइम-ऑफ-फ्लाइट (Time-of-Flight): उपग्रह एक टाइमस्टैम्प सहित सिग्नल भेजता है। रिसीवर यह तुलना करता है कि सिग्नल कब भेजा गया और कब मिला, जिससे दूरी की गणना होती है।
- ट्रिलेटरेशन (Trilateration): कम से कम चार उपग्रहों से दूरी मापकर, रिसीवर किसी उपयोगकर्ता का सटीक अक्षांश, देशांतर एवं ऊँचाई तय करता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- सटीकता (Precision): लाखों वर्षों में केवल एक सेकंड का अंतर।
- रेडंडेंसी (Redundancy): उपग्रहों में प्राय: 3–4 क्लॉक लगे होते हैं ताकि किसी एक के फेल होने पर भी कार्य जारी रहे।
- स्वदेशीकरण (Indigenization): पहले NavIC में क्लॉक आयातित थे किंतु नई पीढ़ी (NVS सीरीज) में भारत निर्मित रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक लगाए गए हैं।
NavIC उपग्रह प्रणाली
- NavIC (Navigation with Indian Constellation) को पहले IRNSS (Indian Regional Navigation Satellite System) कहा जाता था। यह भारत का स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन सिस्टम है।
- पहला उपग्रह IRNSS-1A जुलाई 2013 में लॉन्च हुआ। सात उपग्रहों का समूह 2016 तक पूरा होना था किंतु सिस्टम को बनाए रखने के लिए नए लॉन्च (जैसे- NVS-01, 2023) जारी हैं।
- इसका उद्देश्य भारत और उसके चारों ओर लगभग 1,500 किमी. क्षेत्र में सटीक पोजिशन, नेविगेशन एवं समय सेवाएँ देना है। यह अमेरिकी GPS जैसी विदेशी प्रणालियों से स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
विशेषताएँ
- डुअल सर्विस (Dual Service):
- Standard Positioning Service (SPS): आम नागरिकों के लिए
- Restricted Service (RS): सैन्य उपयोग के लिए एन्क्रिप्टेड सिग्नल
- जियोसिंक्रोनस कक्षा (Geosynchronous Orbit):
- GPS उपग्रहों के विपरीत NavIC उपग्रह स्थिर उच्च कक्षा (36,000 km) में रहते हैं, जिससे भारत पर हमेशा दिखाई देते हैं।
- उच्च सटीकता (Superior Accuracy):
- उपग्रह हमेशा भारत के ऊपर रहते हैं, इसलिए घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 10 मीटर की सटीकता सुनिश्चित होती है।
- फ्रीक्वेंसी बैंड (Frequency Bands):
- NavIC L5 और S बैंड में कार्य करता है।
- नई NVS सीरीज में L1 बैंड भी जोड़ा गया, जिससे स्मार्टवॉच और अन्य सामान्य उपकरणों के साथ संगतता बढ़ी है।