हाल ही में भारत सरकार ने भारत टैक्सी नामक एक नई राष्ट्रीय राइड-हेलिंग पहल की शुरुआत की है। यह पहल अपने प्रकार की पहली सहकारी मॉडल पर आधारित व नागरिक-उन्मुख टैक्सी सेवा है।
भारत टैक्सी पहल के बारे में
- यह एक सरकार समर्थित कार्यक्रम है जिसे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) द्वारा विकसित किया गया है। भारत टैक्सी देश का पहला सहकारी टैक्सी नेटवर्क है जिसमें चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं है बल्कि शेयरधारक व सह-मालिक भी होते हैं।
- इस पहल को एन.सी.डी.सी., आई.एफ.एफ.सी.ओ., अमूल, कृभको, नाफेड, नाबार्ड, एन.डी.पी. और एन.सी.ई.एल. जैसे प्रमुख सहकारी व वित्तीय संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्य विशेषताएँ
- ड्राइवर सशक्तिकरण: ड्राइवर शेयर खरीदकर सहकारी समिति के सदस्य बन सकते हैं। इससे उन्हें न केवल लाभ में हिस्सा मिलेगा, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता व शक्ति प्राप्त होगी।
- शून्य कमीशन मॉडल: निजी कैब कंपनियों (जैसे- Ola/Uber) के विपरीत भारत टैक्सी में पूरा किराया सीधे ड्राइवर को मिलेगा, जबकि ओला/उबर किराए का एक बड़ा हिस्सा स्वयं रखती हैं।
- किफायती व पारदर्शी मूल्य: यात्रियों के लिए किराया अनुमानित व स्थिर रहेगा। इसमें ‘सर्ज प्राइसिंग’ (Surge Pricing) या बिना बताए लगने वाले अतिरिक्त शुल्कों की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
- डिजिटल तालमेल: इस प्लेटफॉर्म को डिजिलॉकर (DigiLocker) व उमंग (UMANG) जैसे सरकारी ऐप्स के साथ मजबूती से जोड़ा गया है जिससे पहचान सत्यापन एवं सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा।
- सुरक्षा व डेटा प्राइवेसी: यह पूरी प्रणाली भारत सरकार के डेटा संरक्षण नियमों और साइबर सुरक्षा मानकों के तहत कार्य करती है जिससे यात्रियों व ड्राइवरों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।