भारत स्टार्ट-अप, शोधकर्ताओं के लिए एआई कंप्यूटिंग क्षमता बढाएगा

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, रुद्र, परम
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 3

संदर्भ-

  • 20 दिसंबर, 2023 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार जनवरी, 2023 में कंप्यूटिंग क्षमता तैयार करेगी, जिसका उपयोग निजी स्टार्ट-अप और शोधकर्ता कृत्रिम बुद्धिमता के लिए कर सकते हैं।

 AI-computing

मुख्य बिंदु-

  • सरकार का उद्देश्य जीपीयू असेंबली से एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) बनाना है। 
  • इससे स्टार्टअप जीपीयू में निवेश किए बिना लागत के एक अंश के लिए अपनी कम्प्यूटेशनल क्षमता का उपयोग कर सकें, जो ऐसे ऑपरेशन के लिए अक्सर सबसे बड़ा लागत केंद्र होता है। 
  • एआई कंप्यूटिंग क्षमता का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र के साथ ही सार्वजनिक- निजी भागीदारी से भी की जाएगी। 
  • पीपीपी मॉडल के तहत 10,000 जीपीयू (ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट) से 30,000 जीपीयू तक की गणना क्षमता का निर्माण किया जाएगा।
  • सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) के द्वारा 1,000-2,000 जीपीयू का निर्माण किया जाएगा। 
  • मंत्रालय का  उद्देश्य AI गणना क्षमता का एक सक्षम ढांचा तैयार करना है। 
  • भारत  विश्व स्तर पर डेटासेट का सबसे बड़ा और सबसे विविध सेट बनाएगा, जो भारतीय अनुसंधान और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उपलब्ध होगा।
  • भारतीय कंपनियां AI पर काम कर रही हैं, किंतु उनकी शक्तिशाली कंप्यूटिंग क्षमता तक पहुंच सीमित है।
  • भारत विश्वसनीय मॉडल तक अपनी डेटासेट की पहुंच को सीमित कर देगा।
  • नीतिगत एवं कानूनी ढांचे के माध्यम से भारतीय डेटासेट तक एक्सेस को प्रतिबंधित किया जाएगा। 
  • केवल उन्हीं मॉडलों को भारतीय डेटासेट तक एक्सेस मिलेगी जो विश्वसनीय हैं और सुरक्षित हैं। 
  • लोकतांत्रिक देशों द्वारा प्रदान की जाने वाली डेटा तक अप्रतिबंधित एक्सेस का कुछ देशों द्वारा दुरुपयोग किया गया है।
  • आने वाले दिनों में दुनिया के समान विचारधारा वाले देशों के बीच AI के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स और जमीनी नियमों के बुनियादी सिद्धांतों के बारे में एक समझौता होना चाहिए। 

एआई कंप्यूटिंग क्षमता -

1. PPP मॉडल-

    • एआई कंप्यूटिंग क्षमता का निर्माण के लिए प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
    • सरकार देश में कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित करने के लिए निजी कंपनियों को विभिन्न प्रकार प्रोत्साहन मॉडल का निर्माण कर रही है। 
    • सेमीकंडक्टर योजना के तहत पूंजीगत व्यय पर सब्सिडी मॉडल, जिसमें परिचालन खर्चों के आधार पर उन्हें उपयोग आधारित शुल्क की पेशकश।
    • माइक्रोसॉफ़्ट ने OpenAI के लिए एक सुपर कंप्यूटर विकसित किया था, जिसमें अन्य चीजों के अलावा 10,000 जीपीयू शामिल थे।

2. सार्वजनिक मॉडल-

    • सार्वजनिक मॉडल के तहत राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत सी-डैक के द्वारा गणना क्षमता का निर्माण किया जा रहा है। 
    • सी-डैक के पास पहले से ही ‘रुद्र’ और ‘परम’ सिस्टम हैं और अब उनमें 1,000-2,000 जीपीयू जोड़ने की योजना बनाया जा रहा है। 
    • ‘रुद्र’ सी-डैक द्वारा निर्मित एक स्वदेशी सर्वर प्लेटफ़ॉर्म है जिसमें ग्राफिक कार्ड के लिए दो विस्तार स्लॉट हैं। 
    • ‘परम उत्कर्ष’ सी-डैक में एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम सेटअप है जो AI के लिए क्लाउड सेवा के रूप में मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग फ्रेमवर्क, कंप्यूट एवं स्टोरेज प्रदान करता है।
    • कंप्यूटिंग क्षमता या गणना, एल्गोरिथम नवाचार और डेटासेट के अलावा एक बड़े AI सिस्टम के निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है।  

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- ‘रूद्र’ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. ‘रुद्र’ एक स्वदेशी सर्वर प्लेटफ़ॉर्म है। 
  2. इसमें ग्राफिक कार्ड के लिए दो विस्तार स्लॉट हैं। 
  3. इसका निर्माण सी-डैक द्वारा किया गया है।

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर- (d)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- भारत में  कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विवेचना कीजिए।

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