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भारतीय वर्चुअल हर्बेरियम 

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारतीय वर्चुअल हर्बेरियम का उल्लेख करते हुए इसे पौधों और पौधों के संरक्षित भागों का एक महत्त्वपूर्ण संग्रह बताया है। 

प्रमुख बिंदु 

  • भारतीय वर्चुअल हर्बेरियम लगभग एक लाख पौधों के नमूनों के विवरण के साथ देश में वनस्पतियों का सबसे बड़ा आभासी डाटाबेस है। 
  • इसका विकास भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया जिसका उद्घाटन 1 जुलाई, 2022 को कोलकाता में किया गया था। 
  • यह पोर्टल देश के वनस्पति इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है तथा विलियम रॉक्सबर्ग, नथानिएल वालिच, जोसेफ डाल्टन हुकर जैसे वनस्पतिविदों के सबसे मूल्यवान ऐतिहासिक संग्रह प्रदान करता है, जिन्हें भारत में वनस्पति विज्ञान के संस्थापकों में शामिल किया जाता हैं। 

पोर्टल की विशेषताएं 

  • इस पोर्टल पर कुछ सबसे पुराने वानस्पतिक नमूने हैं जो वर्ष 1696 से पहले के हैं। साइपरस प्रोसेरस को चेन्नई के निकट वर्ष 1696 में एकत्र किया गया था जबकि लेपिडागाथिस स्कारियोसा को वर्ष 1817 में एकत्र किया गया था। 
  • डिजिटल हर्बेरियम के प्रत्येक रिकॉर्ड में संरक्षित पौधे के नमूने, वैज्ञानिक नाम, संग्रह स्थान, संग्रह तिथि, कलेक्टर का नाम तथा बारकोड संख्या का एक चित्र शामिल है। 
  • इसकी एक विशेषता राज्य-वार डाटा की उपलब्धता है जिससे उपयोगकर्ता अपने राज्यों के पौधों की खोज कर सकते हैं। 
  • यह पोर्टल विभिन्न श्रेणियों के पौधों जैसे क्रिप्टोगैम (बीजाणु धारण करने वाले पौधे), फेनरोगैम (बीज धारण करने वाले पौधे) आदि के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है।
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