New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

अंतर्राष्ट्रीय ऋण रिपोर्ट 2024

विश्व बैंक ने अंतर्राष्ट्रीय ऋण रिपोर्ट 2024 (International Debt Report 2024) जारी की है। 

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों ने विदेशी ऋण की डेब्ट सर्विसिंग (Debt Servicing) के लिए रिकॉर्ड 1.4 ट्रिलियन डॉलर व्यय किए और वर्ष 2023 में उनकी ब्याज लागत 20 वर्ष के उच्चतम स्तर पर थी। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई देशों के बजट पर दबाव पड़ा है।
    • डेब्ट सर्विसिंग किसी ऋण या ऋण दायित्व पर मूलधन एवं ब्याज का भुगतान करने की प्रक्रिया है। इसे प्रत्येक वर्ष ऋण पर देय ब्याज एवं मूलधन भुगतान की कुल राशि से भी संदर्भित किया जा सकता है। 
  • आंकड़ों के अनुसार, विश्व बैंक के अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (IDA) से उधार लेने के पात्र देशों पर वित्तीय दबाव सर्वाधिक था।  
    • इन देशों ने वर्ष 2023 में डेब्ट सर्विसिंग के लिए रिकॉर्ड 96.2 बिलियन डॉलर का भुगतान किया। हालांकि, मूलधन की अदायगी लगभग 8% घटकर 61.6 बिलियन डॉलर हो गई किंतु ब्याज लागत वर्ष 2023 में 34.6 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह एक दशक पहले की राशि से चार गुना अधिक है।
  • रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 महामारी ने सभी विकासशील देशों के कर्ज के बोझ को तेजी से बढ़ा दिया है और वैश्विक ब्याज दरों में इसके बाद आई तेजी ने कई देशों के लिए संकट उत्पन्न किए। 
  • वर्ष 2023 के अंत में सभी निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों द्वारा बकाया कुल बाह्य ऋण रिकॉर्ड 8.8 ट्रिलियन डॉलर था जो वर्ष 2020 की तुलना में 8% की वृद्धि को दर्शाता है।
    • यह प्रतिशत वृद्धि IDA से पात्र देशों के लिए दोगुनी से अधिक थी, जिनका कुल बाह्य ऋण 1.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 18% की वृद्धि थी।
  • वर्ष 2023 में सभी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए विदेश से उधार लेना काफी महंगा हो गया और आधिकारिक लेनदारों से लिए गए ऋणों पर ब्याज दरें दोगुनी होकर 4% से अधिक हो गईं। 

भारत की स्थिति 

  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल विदेशी ऋण वर्ष 2023 में 31 अरब डॉलर बढ़कर 646.79 अरब डॉलर हो गया है। इसके आलावा ब्याज भुगतान वर्ष 2022 में 15.08 बिलियन डॉलर से बढ़कर वर्ष 2023 में 22.54 बिलियन डॉलर हो गया है। 
  • वर्ष 2023 में दीर्घकालिक ऋण स्टॉक 7% बढ़कर 498 बिलियन डॉलर हो गया तथा वर्ष 2023 में अल्पकालिक ऋण स्टॉक घटकर 126.32 बिलियन डॉलर हो गया। 
  • रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात के प्रतिशत के रूप में बाह्य ऋण स्टॉक 80% था जबकि वर्ष 2023 में डेब्ट सर्विसिंग निर्यात का 10% था।
  • रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 के दौरान शुद्ध ऋण प्रवाह 33.42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023 में शुद्ध इक्विटी प्रवाह 46.94 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X