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फिलिस्तीनी भूमि पर इजरायल के कब्जे की वैधता

प्रारंभिक परीक्षा - इजरायल फिलिस्तीन सीमा विवाद
मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 - द्विपक्षीय समूह और समझौते 

सन्दर्भ 

  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) से फ़िलिस्तीनी भूमि पर इजरायल के लंबे समय तक क़ब्ज़े के क़ानूनी परिणामों के सम्बन्ध में अपनी राय व्यक्त करने को कहा है। 

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प्रस्तावित संकल्प 

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 30 दिसंबर को पारित प्रस्ताव में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस को फ़िलिस्तीनी भूमि पर इजरायल के क़ब्ज़े तथा जनसांख्यिकीय संरचना को बदलने के उद्देश्य से किये गये उपायों सहित, यरूशलेम के पवित्र शहर की स्थिति, और संबंधित भेदभावपूर्ण कानूनों को अपनाने के कानूनी परिणामों पर अपनी सलाहकारी राय प्रदान करने के लिए कहा गया।
  • अरब राष्ट्रों सहित 87 सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जबकि अमेरिका और इजरायल सहित 26 देशों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया तथा भारत सहित 53 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया।
  • जब कोई मुद्दा आईसीजे को सौंपा जाता है तो उसके निर्णय के सम्बन्ध में दो संभावनाएँ होती हैं -
    • किसी पक्ष द्वारा मामले को वापस लेने के साथ समझौता हो सकता है। 
    • मुकदमे के बाद आईसीजे अपना फैसला सुना सकता है। 
  • हालांकि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के फैसले बाध्यकारी होते हैं, लेकिन आईसीजे के पास उन्हें लागू करने की कोई शक्ति नहीं है।

इजरायल फ़िलिस्तीन सीमा विवाद

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  • आधिकारिक इजरायली आंकड़ों के अनुसार 1948 में इजरायल राज्य घोषित होने से पहले से ही ऐतिहासिक फिलिस्तीन में यहूदी निवास करते थे। 
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव द्वारा फिलिस्तीन को विभाजित करने की मांग की गयी थी, लेकिन विभाजन की योजना को अरब राष्ट्रों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।
  • इस्राइल और इस क्षेत्र के तीन देशों - मिस्र, जॉर्डन और सीरिया - के बीच तनाव बढ़ता रहा जिसके कारण 1967 का छह दिवसीय युद्ध शुरू हुआ। 
  • इज़राइल ने 1967 के इस छह दिवसीय युद्ध (जून युद्ध या तीसरा अरब-इज़राइल युद्ध) के दौरान मिस्र, सीरिया और जॉर्डन की संयुक्त सेना को पराजित किया था। 
  • इस युद्ध के परिणामस्वरूप इजरायल ने सीरिया के गोलान हाइट्स और मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप के साथ वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया। 
  • हालांकि बाद में सिनाई प्रायद्वीप को मिस्र को लौटा दिया गया, लेकिन फ़िलिस्तीनी और सीरियाई क्षेत्र के अन्य क़ब्ज़े वाले क्षेत्र अभी भी इजरायल के सैन्य नियंत्रण में हैं। 
  • इज़राइल ने बाद में यरूशलेम को अपनी अविभाजित राजधानी घोषित कर दिया। 
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 1967 में एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि इजरायल को युद्ध में जब्त किए गए क्षेत्रों को वापस करना चाहिए, यह होना अभी बाकी है। 
  • हालांकि 1967 के युद्ध के बाद के दशकों में इस्राईल ने इस्राईली सैन्य शासन के अधीन रहने वाले तीन लाख फ़िलिस्तीनियों के साथ वेस्ट बैंक में दर्जनों यहूदी बस्तियों का निर्माण किया है। 
  • इज़राइल ने वेस्ट बैंक में लगभग 130 औपचारिक बस्तियों का निर्माण किया है। 
  • फिलिस्तीनियों ने हमास के नियंत्रण वाले गाजा पट्टी के साथ-साथ वेस्ट बैंक के कब्ज़े वाले हिस्सों में एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करने की मांग की है तथा फिलिस्तीन ‘पूर्वी यरुशलम’ को अपनी राजधानी बनाना चाहता है।
  • यह क्षेत्र अभी भी बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों के रहने के कारण विवाद का विषय है, जो उम्मीद करते हैं कि यह भू-भाग भविष्य में उनके देश का हिस्सा बन जाएगा।
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