New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

पहली पूर्णतः डिजिटल राष्ट्रीय समुद्री मत्स्यपालन जनगणना 2025

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)

चर्चा में क्यों

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कोच्चि में भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल राष्ट्रीय समुद्री मत्स्य पालन जनगणना (MFC) 2025 के परिवार गणना चरण का शुभारंभ किया। 

डिजिटल समुद्री मत्स्य पालन जनगणना के बारे में

  • परिचय : यह अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय गणना है जिसमें देशभर के 9 तटीय राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 4,000 तटीय गांवों के 12 लाख से अधिक मछुआरे परिवारों को शामिल किया जाएगा।
  • अवधि : यह 45 दिनों तक चलेगी (3 नवम्बर से 18 दिसम्बर 2025 तक)।
  • संचालन : यह जनगणना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत।
  • वित्तीय सहायता : मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा ।
  • नोडल एजेंसी : ICAR – केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (CMFRI) नोडल एजेंसी है। भारतीय मत्स्य सर्वेक्षण (FSI) परिचालन भागीदार है।

उद्देश्य

  • मछुआरों और मत्स्य श्रमिकों की डिजिटल पहचान व डाटा संग्रह सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण को अनिवार्य बनाना ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
  • मत्स्य क्षेत्र में नीतिगत योजना, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना।
  • “स्मार्ट जनगणना, स्मार्टर फिशरीज” दृष्टिकोण के माध्यम से डेटा-आधारित प्रशासन को प्रोत्साहन देना। 

प्रमुख विशेषताएँ

  • पहली बार पूर्ण डिजिटल डाटा संग्रह प्रणाली “व्यास भारत” और “व्यास सूत्र” मोबाइल ऐप्स के माध्यम से।
  • रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और भू-संदर्भन (Georeferencing) की सुविधा।
  • सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से आसान पंजीकरण प्रक्रिया।
  • लाइव फील्ड डेटा कलेक्शन का प्रदर्शन महाराष्ट्र और केरल से किया गया।

 महत्त्व 

  • भारत के मत्स्य क्षेत्र को डिजिटल और डेटा-संचालित प्रशासन की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम।
  • मछुआरों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में सहायक।
  • नीतिगत योजना, संसाधन प्रबंधन और समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए सटीक डेटा उपलब्ध कराएगा।
  • “ब्लू इकॉनमी” और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को गति देगा।

चुनौतियाँ

  • तटीय क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और नेटवर्क की कमी।
  • डेटा सत्यापन और गोपनीयता से जुड़ी चिंताएँ।
  • प्रशिक्षित फील्ड स्टाफ की कमी और लॉजिस्टिक चुनौतियाँ।

आगे की राह 

  • सभी मछुआरों का NFDP पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
  • राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाई जाए।
  • AI आधारित विश्लेषण प्रणाली विकसित कर डेटा उपयोग को सशक्त बनाया जाए।
  • मछुआरा समुदाय को डिजिटल शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X